देहरादून, भारतीय सेना ने एक नवाचारी जनसंपर्क पहल के रूप में ‘कारवां टाकीज’ अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सेना में उज्जवल करियर के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस अभियान में एक विशेष रूप से डिज़ाइन की गई मोबाइल वैन का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन, एक सार्वजनिक संबोधन प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम), प्रेरणादायक पोस्टर और बैनर लगे हुए हैं। इस यात्रा के दौरान, भारतीय सेना के प्रतिनिधि छात्रों और इच्छुक अभ्यर्थियों से सीधे संवाद करेंगे तथा भर्ती प्रक्रिया, पात्रता मानदंड, प्रशिक्षण और सेना में करियर की संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे।
युवाओं में जोश और उत्साह को और अधिक बढ़ाने के लिए इस अभियान में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, इंटरैक्टिव गेम्स और देशभक्ति से जुड़ी गतिविधियाँ भी शामिल की गई हैं, ताकि युवाओं से प्रभावी और भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया जा सके।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सफलता पूर्वक कार्यक्रम आयोजित करने के पश्चात, ‘कारवां टाकीज’ अब 15 जुलाई 2025 को हरिद्वार पहुंचेगा। इसके अंतर्गत निम्नलिखित विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों का भ्रमण किया जाएगा l
सीओईआर यूनिवर्सिटी-बेलड़ा
ओम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज-ग्नोरवाला
केयर कॉलेज बहादराबाद, हरिद्वार-रुहालकी किशनपुर
हरिद्वार यूनिवर्सिटी-रहमतपुर
पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज-मैदोसपुर माज़रा
श्री स्वामी भुमानंद कॉलेज ऑफ नर्सिंग-अलीपुर इब्राहिमपुर
उत्तराखंड चरण का समन्वय एवं पर्यवेक्षण आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस, लैंसडाउन (उत्तराखंड) के निदेशक द्वारा किया जा रहा है।
क्या है ‘कारवां टॉकीज’ :
“कारवां टॉकीज” का हिन्दी में अर्थ है “चलती-फिरती फिल्में” या “मोबाइल सिनेमा”. यह एक ऐसी अवधारणा है जिसमें एक चलती-फिरती वैन या ट्रक को एक मिनी-सिनेमा में बदल दिया जाता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में फिल्में दिखाने के लिए इस्तेमाल होता है. इसका उद्देश्य उन लोगों तक मनोरंजन पहुंचाना है जो दूरदराज के इलाकों में रहते हैं और जिनके पास सिनेमाघरों तक पहुंचने का साधन नहीं है l
यह एक अनूठी पहल है जो न केवल मनोरंजन प्रदान करती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रांडों के लिए विज्ञापन का एक अनूठा अवसर भी प्रदान करती है. ब्रांड इन-सिनेमा विज्ञापन और ब्रांड-एक्टिवेशन अभियानों के माध्यम से इन क्षेत्रों में अपने लक्षित दर्शकों तक पहुंच सकते हैं l
भारतीय सेना ने भी युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के लिए “कारवां टॉकीज” का उपयोग किया है, जिसमें सेना से संबंधित फिल्मों और सूचनाओं को प्रदर्शित किया जाता है l


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