झूठ की गूंज पर सत्य की गर्जना से जीत हासिल करेगा भारत का युवा: मोदी

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वडोदरा, । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में 6,000 से अधिक जेन-जी युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि भारत की युवा पीढ़ी अपनी आकांक्षाओं और आवाज के बल पर ‘झूठ की गूंजÓ पर विजय प्राप्त करेगी। प्रधानमंत्री ने ‘नमो फॉर विकसित भारतÓ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए यहां आए हैं। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर भी तीखा हमला बोला और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत का युवा सत्य के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि झूठ की गूंज के जरिए युवाओं को गुमराह करने वाले लोग हर चौराहे पर मिल सकते हैं, लेकिन देश की युवा पीढ़ी सत्य की गर्जना से प्रेरित होती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत का युवा सत्य की गर्जना से प्रेरित होता है, सत्य की गर्जना के साथ चलता है और सत्य की गर्जना के लिए मार्च करता है। उनकी यह टिप्पणी राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंजÓ कार्यक्रम के संदर्भ में मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरानी सरकार अपने 10 वर्षों के कार्यकाल में 50,000 शौचालय भी नहीं बना सकी थी, जबकि आज भारत चिप से लेकर जहाज तक बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश अब विनिर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ा रहा है और आने वाले समय में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपनी युवा पीढ़ी को ऐसी अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना होगा, जिस पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग के लिए तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत के पास ऐसे युवा होने चाहिए जो देश और दुनिया के उद्योगों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता को समझ सकें और उसका प्रभावी उपयोग कर सकें। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनना है तो इसके लिए पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को तैयार करना होगा।
प्रधानमंत्री ने समर्पित माल ढुलाई गलियारे का उदाहरण देते हुए कहा कि यह पिछले 12 वर्षों में देश की कार्य संस्कृति में आए बदलाव का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का प्रस्ताव वर्ष 2004 में रखा गया था और वर्ष 2006 में इसके लिए एक विशेष कंपनी का गठन किया गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक फाइलें केवल एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय और एक मेज से दूसरी मेज तक घूमती रहीं। प्रधानमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि विडंबना यह थी कि इन फाइलों को भी कोई ‘समर्पित गलियाराÓ नहीं मिला।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समर्पित माल ढुलाई गलियारे पर प्रतिदिन करीब 430 मालगाड़ियां संचालित हो रही हैं। पहले यात्री और मालगाड़ियां एक ही रेल पटरी पर चलती थीं, जिससे दोनों तरह के परिवहन पर असर पड़ता था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत मेट्रो डिब्बों और रेल इंजनों के निर्माण के क्षेत्र में एक बड़ा निर्माता बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि देश में परिवहन और रेल ढांचे को आधुनिक बनाने के साथ-साथ घरेलू विनिर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत अब चिप से लेकर जहाज तक के क्षेत्रों में नया अध्याय लिख रहा है।
प्रधानमंत्री ने देश में सौर ऊर्जा के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देशभर में 55 लाख परिवारों ने सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए हैं। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी मदद मिल रही है।
वडोदरा कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के 326 किलोमीटर लंबे अंतिम तीन हिस्सों का उद्घाटन किया। इन हिस्सों के निर्माण पर करीब 20,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने करीब 9,700 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन रेल परियोजनाओं का शिलान्यास किया। वहीं, 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया।
इसके अतिरिक्त करीब 2,600 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं से रेल, सड़क, माल परिवहन और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में विकास की गति तेज हुई है और इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारत को आधुनिक, आत्मनिर्भर और विकसित अर्थव्यवस्था के रूप में आगे ले जाना है।