Wednesday, April 22, 2026
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अप्रैल में खुलेगे बदरीनाथ-केदारनाथ के कपाट,6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

चारधाम यात्रा 2026: पंजीकरण ने तोड़े रिकॉर्ड, 121 करोड़ के बजट के साथ तैयारियां तेज

देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं जुटा रही है। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के चारधाम पहुंचने की संभावना है।

चारधाम यात्रा का शुभारंभ अप्रैल माह में होगा। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल, बदरीनाथ धाम के 23 अप्रैल तथा गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को खुलेंगे।

समिति के अनुसार 6 मार्च से 16 मार्च तक महज दो सप्ताह में 6 लाख 17 हजार से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें केदारनाथ के लिए 2,06,622, बदरीनाथ के लिए 1,82,212, गंगोत्री के लिए 1,15,763 तथा यमुनोत्री के लिए 1,13,256 श्रद्धालु शामिल हैं।

हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि बदरीनाथ धाम में कार्य जारी है। सरकार और समिति मिलकर यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।

यात्रियों की सुविधा के लिए इस वर्ष 121 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया है। इसमें बदरीनाथ धाम के लिए लगभग 57.47 करोड़ और केदारनाथ धाम के लिए करीब 63.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल, रील, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही दर्शन व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता और आवास सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।

समिति ने ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप स्थापित करने, तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष बनाने और मंदिरों के जीर्णोद्धार सहित कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

इस बीच शीतकालीन यात्रा में भी श्रद्धालुओं की अच्छी भागीदारी रही है। 16 मार्च 2026 तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु शीतकालीन पूजा स्थलों में दर्शन कर चुके हैं।

समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ताकि आगामी यात्रा वर्ष 2026-27 में श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मिल सके।

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