देहरादून: उत्तराखंड की प्रतिभावान महिला ऑलराउंडर प्रेमा रावत ने सीनियर वूमेंस टी-20 ट्रॉफी में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से विश्व क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है। हैदराबाद के खिलाफ खेले गए मुकाबले में प्रेमा रावत ने महज 14 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा करते हुए महिला क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक (Fastest Fifty) जड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना (15 गेंद) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। अपनी इस ऐतिहासिक पारी में उन्होंने 6 चौके और 4 छक्के लगाते हुए 357.14 के धमाकेदार स्ट्राइक रेट से नाबाद 50 रन बनाए। केवल बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि लेग स्पिन गेंदबाजी करते हुए भी उन्होंने 4 ओवर में मात्र 12 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
24 साल की प्रेमा रावत का यहां तक पहुंचने का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। उत्तराखंड के एक दूर-दराज और सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली प्रेमा की प्रतिभा को निखारने में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) का बहुत बड़ा योगदान रहा है। सीएयू ने प्रेमा की काबिलियत को शुरुआती दिनों में ही पहचाना और उन्हें हर संभव सुविधाएं, आधुनिक कोचिंग और सही मार्गदर्शन प्रदान किया।
उत्तराखंड के दूर-दराज के इलाकों से आने वाले खिलाड़ियों को आगे लाने की सीएयू की नीति का ही नतीजा है कि प्रेमा आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाई हैं। हाल ही में आयोजित उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) ने भी उनके करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यूपीएल के जरिए मिले शानदार अनुभव और मैच एक्सपोजर के दम पर ही वे आज उत्तराखंड की टीम के लिए ऐसा मैच-विनिंग प्रदर्शन कर पा रही हैं। प्रेमा भारत की सीनियर राष्ट्रीय टीम (7 टी-20 आई) का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, इंडिया-ए और हाल ही में महिला टी-20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा भी रही हैं। इसके अलावा महिला प्रीमियर लीग (WPL) में वे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (RCB) की ओर से खेलती हैं।
प्रेमा रावत की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) के सचिव महिम वर्मा ने उन्हें बधाई दी और उनकी जमकर सराहना की। प्रेमा रावत की तारीफ करते हुए महिम वर्मा ने कहा, “प्रेमा रावत ने जो मुकाम हासिल किया है, उस पर न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश को गर्व है। 14 गेंदों में रिकॉर्ड अर्धशतक बनाना और गेंद व बल्ले दोनों से कमाल दिखाना उनकी अद्भुत क्षमता और कड़ी मेहनत का नतीजा है। प्रेमा एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, जो सुदूर क्षेत्र से आकर आज विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ रही हैं। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड हमेशा से ऐसे युवा खिलाड़ियों को तराशने के लिए काम करता रहा है। हाल ही में हुए UPL में उनके शानदार प्रदर्शन से साफ था कि वे बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रेमा आगे भी इसी तरह नए रिकॉर्ड बनाएंगी और भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन करेंगी।”





