देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, लोकसंगीत और पारंपरिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगभग 25 वर्षों से निरंतर समर्पित सुप्रसिद्ध लोक गायिका एवं जागर सम्राज्ञी श्रीमती हेमा नेगी करासी को उत्तराखंड सरकार द्वारा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘उत्तराखंड गौरव सम्मान’ के लिए चयनित किया गया है।
उत्तराखंड शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 03 नवंबर 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, उन्हें यह सम्मान 06 नवंबर 2026 को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर उन्हें राज्य अतिथि भी घोषित किया गया है।
हेमा नेगी करासी का लगभग ढाई दशक का सांस्कृतिक सफर केवल एक गायिका की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी, लोकभाषा, लोकआस्था और सांस्कृतिक पहचान को बचाने एवं आगे बढ़ाने की एक निरंतर साधना है। वर्ष 2003 में राजकीय इंटर कॉलेज काण्डई के मंच से अपनी पहली सार्वजनिक प्रस्तुति देने वाली हेमा नेगी करासी ने अपनी मेहनत, लगन और साधना से लोकसंगीत के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान स्थापित की।
उनकी गायकी में आछरी जागर, नागराज जागर, चण्डिका भजन, विभिन्न देवी-देवताओं के जागर तथा पारंपरिक मंगल गीतों का विशेष स्थान रहा है। उन्होंने लोकगीतों और जागरों के माध्यम से उत्तराखंड की लोकआस्थाओं, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
उनकी पहचान का एक विशिष्ट पक्ष उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रतीकों के प्रति उनका समर्पण भी है। पखाला सहित पारंपरिक परिधान को मंच पर गर्व के साथ प्रस्तुत करने की उनकी पहल ने लोकसंस्कृति को केवल गायन तक सीमित न रखकर उसे पहनावे और जीवनशैली के माध्यम से भी पहचान दिलाई। शुरुआती दौर में आलोचनाओं का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी सांस्कृतिक सोच और उद्देश्य से कभी समझौता नहीं किया।
गढ़शेरनी, हिमपुत्री, नंदापुत्री और जागर सम्राज्ञी जैसे संबोधनों से पहचानी जाने वाली हेमा नेगी करासी ने अपनी कला के माध्यम से देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
प्रमुख पुरस्कार एवं सम्मान
हेमा नेगी करासी को उनके लोकसंगीत एवं सांस्कृतिक योगदान के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। इनमें प्रमुख हैं—
1. तीलू रौतेली पुरस्कार – 2025, उत्तराखंड सरकार।
2. उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कार – 2024, संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली।
3. माँ नंदा शक्ति सम्मान – 2021।
4. अमेजिंग इंडिया अवॉर्ड – 2026, Adani Presents Amazing India Award।
5. उत्तराखंड गौरव सम्मान – 2026, उत्तराखंड सरकार।
संगीत नाटक अकादमी द्वारा प्रदान किया गया उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कार उनके लोकसंगीत के क्षेत्र में योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान है।
हेमा नेगी करासी की यह उपलब्धि उन सभी लोक कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो अपनी पारंपरिक कला, भाषा, पहनावे और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
उनका लगभग 25 वर्षों का सफर यह संदेश देता है कि अपनी जड़ों से जुड़कर, कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प के साथ अपनी संस्कृति को नई पहचान दिलाई जा सकती है।
उत्तराखंड गौरव सम्मान–2026 के लिए चयनित होने पर कला एवं संस्कृति जगत, लोक कलाकारों, संस्कृति प्रेमियों और उनके प्रशंसकों में हर्ष का माहौल है।
यह सम्मान केवल एक लोक गायिका की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकधरोहर, सांस्कृतिक अस्मिता और पीढ़ियों से चली आ रही लोक परंपराओं का भी सम्मान है।
देवभूमि की लोकसंस्कृति को अपनी आवाज़ देने वाली इस लोक साधिका को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।





