Wednesday, August 5, 2026
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एक और मामला आया सामने, कथित भू-कानून की खुली पोल : लूशुन टोडरिया

उत्तराखंड क्रांति दल के मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने नैनीताल जनपद के सतबूंगा में भू-कानून के उल्लंघन का मामला सामने आने पर राज्य सरकार के दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
टोडरिया ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल की अदालत द्वारा हरियाणा निवासी दंपति के नाम खरीदी गई अतिरिक्त भूमि को भू-कानून का उल्लंघन मानते हुए राज्य सरकार में निहित करने के आदेश यह साबित करते हैं कि राज्य में भू-कानून के उल्लंघन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यदि शिकायत के बाद कार्रवाई संभव है, तो यह भी स्पष्ट है कि व्यवस्था में ऐसी खामियां मौजूद हैं जिनके कारण नियमों के विपरीत भूमि क्रय-विक्रय हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जिस भू-कानून को ऐतिहासिक और प्रभावी बताकर प्रचारित कर रही है, उसकी वास्तविक स्थिति लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से उजागर हो रही है। सवाल यह है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही जांच और सत्यापन की व्यवस्था प्रभावी होती, तो नियमों के विरुद्ध भूमि खरीद की नौबत ही क्यों आती?
टोडरिया ने कहा कि यह केवल एक मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने मांग की कि राज्य बनने के बाद से अब तक बाहरी व्यक्तियों द्वारा की गई सभी संदिग्ध भूमि खरीद की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जिन मामलों में भू-कानून या अन्य प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है, उनमें कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, जल, जंगल और संसाधनों की रक्षा केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि पारदर्शी और प्रभावी कानून के क्रियान्वयन से ही संभव है। उत्तराखंड की जनता को केवल कागजी भू-कानून नहीं, बल्कि ऐसा कानून चाहिए जो वास्तव में प्रदेश के हितों और मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा कर सके।

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