देवेन्द्र चमोली
रुद्रप्रयाग – जनपद में लगातार बरस रही आसमानी आफत से हो रहे नुक़सान का सिलसिला थम नहीं रहा। जनपद का कोई छैत्र ऐसा नहीं है जो अतिवृष्टि से प्रभावित न हुआ हो। अगस्त्यमुनि विकासखंड के सीमांत छैत्र दशज्यूला के ढुंग गांव के चारों ओर हो रहे जबरदस्त भू-धंसाव से ग्रामीण अपने आवासीय भवनों को छोड़ अन्यत्र शरण लेने को मजबूर हैं। ढुंग गांव में वर्षों पूर्व भू-धंसाव की समस्या खड़ी हुई थी जिसने वर्तमान में विकराल रुप ले लिया। आलम यह है कि भवनों के आगे पीछे बड़ी बड़ी खाई बन चुकी है। कई आवासीय भवनों को खतरा उत्पन्न हो गया। पूर्व प्रधान व भाजपा नेता हीरा सिंह नेगी ने प्रशासन से प्रभावितों की सुध लेने की गुहार लगाई है।
वहीं छैत्र की ग्राम पंचायत विजरा कोट के गैर तोक व अमोला नामक स्थान पर भवनों को खतरा बना हुआ है। पूर्व छैत्र पंचायत सदस्य कुलदीप नेगी, पूर्व प्रधान नरेश विष्ट ने बताया कि अमोला में मोहन सिंह राणा, मातबर सिंह राणा आदि के आवासीय भवनों में भू धसावं से दरारें आ गयी। जबकि गैर गांव में आवासीय भवनों के नीचे भू धसांव से लोग अपने आवासीय भवन छोड़कर अन्यत्र रहने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुते कहा कि अभी तक प्रशासन की टीम ग्रामीणों की सुध लेने नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र ही छैत्र में पहुंचकर प्रभावित गांवों का सर्वे करने की गुहार लगाई है।



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