Tuesday, August 11, 2026
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दून में राहुल का छात्रों से सीधा संवाद : कहा- परीक्षाएं कराना सरकार की जिम्मेदारी, किसी निजी कंपनी की नहीं

-राहुल ने भाषण देने के बजाय युवाओं की बात सुनने को दी प्राथमिकता ।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं सीएम पुष्कर सिंह धामी का भाषण में कोई भी जिक्र नहीं।

देहरादून(एल मोहन लखेड़ा), दून में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा और अभिभावक कार्यक्रम में पहुंचे, बन्नू स्कूल में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में युवाओं की जबरदस्त भीड़ के बीच मंच पर पहुंचते ही राहुल गांधी ने भाषण देने के बजाय युवाओं की बात सुनने को प्राथमिकता दी, उन्होंने सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को मंच पर बुलाया और उनसे भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और रोजगार को लेकर उनके अनुभव साझा कराए, इस दौरान कार्यक्रम का माहौल किसी राजनीतिक सभा से ज्यादा छात्रों के संवाद जैसा दिखाई दिया ।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, सरकारी नौकरियों और युवाओं के रोजगार के मुद्दों पर अपनी बात रखी, कार्यक्रम के दौरान छात्रों और अभ्यर्थियों ने अपनी समस्याएं भी साझा की । इस दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि युवाओं की शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में छात्र-केंद्रित (स्टूडेंट्स सेंट्रिक) परीक्षा प्रणाली होनी चाहिए। साथ ही पूरी तरह सुरक्षित पेपर सिस्टम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में रैंडमाइजेशन होना चाहिए और शिक्षा संस्थानों को स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए। किसी भी राजनीतिक दल का विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों पर कब्जा नहीं होना चाहिए और किसी पार्टी विशेष के लोग कुलपति नहीं बनने चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं कराना सरकार की जिम्मेदारी है, किसी निजी कंपनी की नहीं। यदि कोई पेपर लीक करता है तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। एक बेटी ने आत्महत्या कर ली, लेकिन उसके परिवार तक एक चिट्ठी तक नहीं पहुंची। पेपर लीक से जिन छात्रों का नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। इसी के साथ कार्यक्रम का समापन हो गया।
कार्यक्रम में ऑनलाइन कोचिंग वाले शिक्षक अभिनय शर्मा ने नई शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति लाई गई, लेकिन उसका कितना प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, यह बड़ा सवाल है। कॉमन एंट्रेंस टेस्ट लागू किया गया, लेकिन यदि प्रश्नपत्र में कोई गलत सवाल होता है तो उसकी आपत्ति दर्ज कराने के लिए छात्रों से 250 रुपये लिए जाते हैं। कहा कि देश में पेपर लीक का एक उद्योग खड़ा हो गया है। इस पर वह राहुल गांधी की बात से सहमत हैं।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने लगभग पूरा समय देश की शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य पर चर्चा की, उनके भाषण में सबसे बड़ी बात यह रही उन्होंने न बीजेपी पर हमला बोला, ना ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं सीएम पुष्कर सिंह धामी का भी कोई जिक्र नहीं किया, पूरा कार्यक्रम राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से दूर शिक्षा व्यवस्था के इर्द-गिर्द ही घूमता रहा ।
उत्तराखंड में कांग्रेस का छात्रों से संवाद इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य में राजनैतिक तपिस तेज हो गयी, राहुल के इस कार्यक्रम में भारी बारिश के बावजूद युवाओं में जबरदस्त जोश रहा और वह देर तक पंडाल में डटे रहे। इससे पहले राहुल गांधी जोलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया, राहुल गांधी इस दौरान दिवंगत कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता अमर मेहता के निवास भी गये और परिवार को सांत्वना दी, उन्होंने कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता परिवार को दुःख की घड़ी में आपके साथ है, उल्लेखनीय हो कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान लोहे का पिलर गिरने से अमर मेहता गंभीर घायल हो गये और अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गयी थी । इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह के साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मंच पर मौजूद रहे।

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