Tuesday, April 21, 2026
HomeStatesUttarakhandराजभवन घेराव में जनता देगी करारा जवाब : प्रीतम सिंह

राजभवन घेराव में जनता देगी करारा जवाब : प्रीतम सिंह

‘बोले प्रीतम-भाजपा अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए फिर सांप्रदायिक तुष्टिकरण का हथकंडा अपना रही है।’

देहरादून, उत्तराखंड़ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, चकराता विधायक, कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं सीईसी सदस्य आदरणीय श्री प्रीतम सिंह ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में 16 फरवरी को प्रस्तावित राजभवन घेराव को लेकर एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक ली।
बैठक में रायपुर, राजपुर, मसूरी सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री हरक सिंह रावत की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने नेतृत्व को आश्वस्त किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में जनता को राजभवन कूच से जोड़ने का कार्य करेंगे और राजभवन कूच की सफलता सुनिश्चित करेंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि 16 फरवरी राजभवन कूच ऐतिहासिक होगा जो राज्य की वर्तमान सरकार के ताबूत में आखिरी कील का काम करेगा।
प्रीतम सिंह ने कहा कि आज जनता वर्तमान भाजपा सरकार से बहुत अधिक त्रस्त है, ऐसे में मुख्य विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस पार्टी का दायित्व है कि वह आम जनता के मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक सरकार से जवाब देही तय करे।प्रीतम ने कहा कि धामी सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो चुकी है। महिला अपराध बेलगाम हैं, बेरोजगार युवा सड़कों पर हैं, विभाग भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं, किसान आत्महत्या को मजबूर हैं। इन ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा एक बार फिर 2022 की तरह “धार्मिक ध्रुवीकरण ” का झूठा और सांप्रदायिक राग अलाप रही है।
प्रीतम सिंह ने भाजपा को करारा जवाब देते हुए कहा कि देशभर में सरकारों द्वारा समय-समय पर शैक्षणिक संस्थानों को भूमि आवंटन की परंपरा रही है। यदि उस समय कोई घोटाला हुआ होता तो स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी जी के बाद 15 वर्षों तक राज्य में भाजपा की सरकार रहने के बावजूद आज तक इस विषय पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? भाजपा यह बताए कि किस सरकारी आदेश में यह लिखा है कि भूमि किसी “मुस्लिम यूनिवर्सिटी” के लिए दी गई थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा को जवाब देना चाहिए कि जॉर्ज एवरेस्ट, जो उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर है, उसकी अरबों रुपये की भूमि कौड़ियों के भाव किसे और क्यों दी गई? डाकपत्थर, ऊधमसिंह नगर सहित प्रदेश की बहुमूल्य भूमि किस प्रकार भू-माफियाओं के हवाले की जा रही है वह किसी से छुपा नहीं है। आज खनन माफिया, शराब माफिया और भू-माफिया राज्य की सरकार चला रहे हैं।
प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार के दोहरे चरित्र का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि 13 जनवरी 2026 को पूरे प्रदेश की दवा आपूर्ति का ठेका अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित और अंकित आर्य के पिता विनोद आर्य की कंपनी को दिया गया। सरकार बताए कि आखिर किस सच्चाई और राज़ को छिपाने के लिए एक गंभीर हत्याकांड से जुड़े परिवार को इतना महत्वपूर्ण ठेका सौंपा गया ?
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की कंपनी को पहले ही आयुष फैक्ट्री के नाम पर दी गई सरकारी भूमि पर अवैध वंतरा रिजॉर्ट बनाने का आरोप है, और जहां अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसा इतना जघन्य अपराध हुआ, उसे ब्लैकलिस्ट करने के बजाय सरकार लगातार लाभ क्यों पहुंचा रही है।
प्रीतम सिंह ने स्पष्ट कहा कि भाजपा की यह राजनीति जनता को गुमराह करने की असफल कोशिश है। उत्तराखंड की जनता अब सब समझ चुकी है , कांठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ेगी और 16 फरवरी को राजभवन घेराव के माध्यम से धामी सरकार की जनविरोधी नीतियों, भ्रष्टाचार और असंवेदनशीलता के खिलाफ निर्णायक आवाज़ बुलंद की जाएगी।
इस अवसर पर चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पूर्व का बिना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि वह राज्य सरकार की जन् विरोधी नीतियों,राज्य में व्याप्त अन्याय अराजकता और अत्याचार के खिलाफ पूरे प्रदेश में भ्रमण करके 16 फरवरी को होने वाले राजभवन कूच के लिए जन सहभागिता सुनिश्चित करने का कार्य कर रहे हैं और यह कूच भूतो ना भविष्यति यानि राज्य गठन के बाद सबसे बड़ा ऐतिहासिक कूच होने जा रहा है जिससे राज्य सरकार और प्रशासन की नींद उड़ा रखी हैं, बैठक का संचालन महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी ने किया
बैठक में मुख्य रूप से संजय शर्मा लालचंद शर्मा गरिमा मेहरा दसौनी, सूरत सिंह नेगी, सुशांत बोरा, महेंद्र नेगी, नवीन जोशी वीरेंद्र पोखरियाल, मदनलाल, सोनिया आनंद रावत, शिवानी थपलियाल, मोहन काला, रितेश छेत्री इत्यादि मौजूद रहे ।

 

अपराधियों का दुस्साहस चरम पर, महिलाओं की सुरक्षा पर धामी सरकार पूरी तरह विफल : गरिमा

देहरादून, आज प्रकाशित दो अलग-अलग खबरें उत्तराखंड, विशेषकर देहरादून जैसे संवेदनशील और प्रशासनिक दृष्टि से अति-महत्वपूर्ण शहर में बदहाल कानून व्यवस्था की भयावह तस्वीर पेश कर रही हैं।
राजधानी देहरादून, जहां मुख्यमंत्री, राज्यपाल, वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस के आला अफसरों के कार्यालय एवं आवास स्थित हैं, वहीं अपराधी निडर होकर स्कूल के बाहर छात्राओं के अपहरण के प्रयास कर रहे हैं और दिनदहाड़े कार्यरत महिलाओं की हत्या जैसी जघन्य घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
पिछले मात्र पांच दिनों में देहरादून में तीन कार्यरत युवतियों की सरेआम हत्या इस बात का प्रमाण है कि धामी सरकार की“धाकड़ कानून व्यवस्था” अपराधियों के सामने पूरी तरह ढह चुकी है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न पुलिस का डर है, न कानून का और न ही शासन-प्रशासन का।
आज स्कूल के बाहर छात्रा के अपहरण के प्रयास की घटना ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश की बेटियां अब शैक्षणिक परिसरों के बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं। सवाल यह है कि जब राजधानी में यह हाल है तो प्रदेश के दूरस्थ इलाकों की स्थिति क्या होगी? गरिमा ने यह भी कहा कि आज धामी राज में चौथा स्तंभ भी खतरे में है जिस तरह से वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट के ऊपर हमला हुआ वह भी अपने आप में सरकार की कलई खोलता है और भाजपा द्वारा समाज में बोये जा रहे नफरत के बीज का परिणाम बताया।
उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि धामी सरकार महिला सुरक्षा के नाम पर केवल खोखले दावे और विज्ञापन कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि महिलाएं, छात्राएं और कामकाजी युवतियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिला अपराधों पर सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता अपराधियों को खुली छूट देने के समान है।

कांग्रेस मांग करती है कि :
राजधानी देहरादून सहित पूरे प्रदेश में महिला अपराधों की उच्चस्तरीय, समयबद्ध जांच कराई जाए।
स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों के आसपास तत्काल प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
महिला अपराधों में लिप्त अपराधियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सख्त और त्वरित सजा सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि क्या धामी सरकार का “डबल इंजन” केवल अपराधियों को संरक्षण देने के लिए चल रहा है? उत्तराखंड कांग्रेस स्पष्ट करती है कि महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार की नाकामी के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments