Wednesday, April 22, 2026
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ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के बीच आकर शिक्षक बन गए डीएम लक्ष्य तय कर ईमानदारी से करें प्रयास

हरिद्वार (कुलभूषण)जिलाधिकारी मयूर दीक्षित मंगलवार को हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज धनौरी पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के बीच आकर जिलाधिकारी शिक्षक बन गए। उन्होंने एक शिक्षक की भांति बच्चों से सवाल पूछे और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
शनिवार को हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज धनौरी में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, राजनीति विज्ञान विभाग और सांस्कृतिक समिति की ओर से एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्रशासनिक सेवाओं में छात्र-छात्राओं के उत्साहवर्धन के लिए आयोजित इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि कोई भी लक्ष्य तय करें तो उसके लिए सबसे पहले ईमानदारी से प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ज्यादा पढ़ना जरूरी नहीं है बल्कि पढ़ाई पर फोकस करना जरूरी है। उन्होंने युवा पीढ़ी से मोबाइल से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनेक युवाओं का अधिकतर समय मोबाइल की स्क्रीन देखते हुए गुजर जाता है जो समय की सबसे बड़ी बर्बादी होती है। युवाओं को नशे की लत से दूर रहना चाहिए। जीवन में अनेक ऐसे लोग मिलते हैं जो हमारा समय बर्बाद करते हैं और हमें बुराइयों की ओर लेकर जाते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनसे एक निश्चित दूरी बनानी चाहिए।
इससे पहले महाविद्यालय पहुंचने पर प्रबंध समिति की ओर से डॉ आदित्य सैनी, प्राचार्य डॉ मुनेंद्र सिंह और शिक्षक, कर्मचारियों ने जिलाधिकारी का स्वागत किया गया। जिलाधिकारी ने महाविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय डॉ तेजवीर सिंह सैनी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ हर्ष सैनी ने की जबकि संचालन डॉ योगेश कुमार ने किया।

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