Wednesday, July 29, 2026
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मसूरी-धनोल्टी मार्ग के होम स्टे में दिल्ली की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

 देहरादून/मसूरी(दीपक सक्सेना ) उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी-धनोल्टी मार्ग स्थित एक होम स्टे में दिल्ली से आई 27 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला का शव कमरे के फर्श पर मिला। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम किया है। मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिनांक 15 जून की सुबह लगभग 07:23 बजे यूपी-112 कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि टिपरीधार (मसूरी-धनोल्टी मार्ग) स्थित ‘कियाना होम स्टे’ के एक कमरे में ठहरे दंपत्ति में से महिला अचेत है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मसूरी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और 108 एम्बुलेंस सेवा को भी बुलाया गया। मौके पर पहुंचे फार्मासिस्ट ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।

मृतका की पहचान पी. राधा गायत्री (27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में किदवई नगर ईस्ट, दिल्ली की रहने वाली थीं। उनका मूल परिवार विशाखापट्टनम का रहने वाला है। जांच में पता चला कि राधा गायत्री का विवाह 08 नवंबर 2025 को सौम्या श्रीचरण से हुआ था। दोनों निजी आईटी कंपनियों में कार्यरत थे; पति पुणे में और मृतका गुरुग्राम में काम करती थीं।

पुलिस जांच और फील्ड यूनिट देहरादून के निरीक्षण में सामने आया कि:

  • दंपत्ति 13 जून को दिल्ली से ऋषिकेश आए थे और 14 जून की रात करीब 11:30 बजे उक्त होम स्टे के “ब्लिस” नामक कमरे में रुके थे।

  • पति के बयान के अनुसार, दोनों ने रात में शराब का सेवन किया था और तड़के 03:30 बजे सो गए थे। सुबह उठने पर पत्नी अचेत मिली।

  • घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान मृतका का शव फर्श पर नग्न अवस्था में पाया गया। उसके नाक से खून बह रहा था।

  • बिस्तर की चादर पर भी खून के धब्बे मिले हैं। पुलिस ने कमरे से शराब की दो खाली बोतलें और खाद्य सामग्री बरामद की है।

साक्ष्यों का संकलन: कार्यपालक मजिस्ट्रेट/नायब तहसीलदार मसूरी की उपस्थिति में पंचायतनामा की कार्यवाही की गई। देहरादून की फील्ड यूनिट ने साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल की विस्तृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की है।

पोस्टमार्टम में बाहरी चोट नहीं, बिसरा सुरक्षित

मृत्यु के वास्तविक कारणों का सटीक पता लगाने के लिए शव को कोरोनेशन अस्पताल, देहरादून भेजा गया था। डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। डॉक्टरों ने मौत की सही वजह जानने और वैज्ञानिक जांच के लिए मृतका का बिसरा सुरक्षित (Preserve) रख लिया है।

इस बीच, मृतका के पिता पी. सुधाकर ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बेटी की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मसूरी पुलिस के अनुसार, पिता की तहरीर के आधार पर मामले की सभी पहलुओं से गहनता और संवेदनशीलता से जांच की जा रही है। मौत के असली कारणों का अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट, बिसरा परीक्षण और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल मामले में आवश्यक वैधानिक कानूनी कार्यवाही जारी है।

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