Thursday, March 5, 2026
HomeTrending Nowदेहरादून देश के सबसे असुरक्षित शहरों में शामिल, भाजपा सरकार की खोखली...

देहरादून देश के सबसे असुरक्षित शहरों में शामिल, भाजपा सरकार की खोखली नीतियों का पर्दाफाश, NARI-2025 रिपोर्ट ने खोली पोल : करन माहरा

देहरादून, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की NARI-2025 रिपोर्ट ने उत्तराखंड सरकार की असलियत को पूरी तरह सामने ला दिया है। इस रिपोर्ट में देहरादून को देश के सबसे असुरक्षित शहरों में गिना गया है। यह केवल आंकड़ा नहीं है, बल्कि हमारी बेटियों की टूटी हुई उम्मीदें, उनका डर और उनकी चीख है।
आज सवाल ये है कि जब राजधानी देहरादून ही महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है, तो बाकी पहाड़ और मैदान में रहने वाली बेटियों का क्या होगा? भाजपा सरकार ने महिला सुरक्षा को सिर्फ चुनावी जुमला बना दिया।
भाजपा सरकार की नाकामी साफ है। महिलाओं के खिलाफ अपराध रोज़ाना बढ़ रहे हैं। छेड़छाड़, उत्पीड़न, दुष्कर्म और घरेलू हिंसा की घटनाओं पर पुलिस व प्रशासन पूरी तरह विफल हैं। “बेटी बचाओ” का नारा देने वाली भाजपा खुद बेटियों के अपमान की सबसे बड़ी दोषी बन चुकी है।
भाजपा नेताओं का काला चेहरा जनता के सामने आ चुका है। भाजपा आज नैतिकता की बात करती है, लेकिन हकीकत यह है कि भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों का दामन दागदार है। सल्ट, लालकुआं, चंपावत और संतरेसा में भाजपा के पदाधिकारियों के नाम बलात्कार जैसे घिनौने अपराधों में सामने आए और इन पर बलात्कार के मुकदमें दर्ज हैं। और आज भी इनमें से भाजपा के कई पदाधिकारी ज़मानत पर बाहर हैं। हरिद्वार में भाजपा की ही महिला पदाधिकारी अपनी बेटी का शोषण करवाती रही। अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री का बेटा शामिल था, लेकिन “वीआईपी” का नाम आज तक उजागर नहीं किया गया।
क्या यही है भाजपा का “बेटी बचाओ” अभियान? असलियत ये है कि भाजपा को बेटियों की नहीं, अपराधियों की चिंता है।
आज उत्तराखंड की हर मां पूछ रही है कि मेरी बेटी की सुरक्षा किसके भरोसे है ? जब सत्ता के संरक्षक ही अपराधी बन जाएँ तो इंसाफ कौन देगा? क्यों भाजपा अपराधियों को बचाने में जुटी है ?
आज हर बेटी की आंखों में आंसू हैं और हर मां का दिल सवाल कर रहा है कि क्या भाजपा के राज में बहन-बेटियों को जीने का भी हक नहीं है ?
यह भाजपा सरकार की असली तस्वीर है। सत्ता सुरक्षित है, लेकिन बेटियां असुरक्षित हैं। अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है, लेकिन पीड़िताओं को न्याय नहीं मिल रहा है। जनता से किए गए हर वादे खोखले साबित हुए हैं। आज भाजपा सरकार का राज उत्तराखंड की महिलाओं के लिए भय का राज बन चुका है।
आज यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के राज में बेटी होना ही सबसे बड़ा अपराध है।
देहरादून का असुरक्षित शहरों की सूची में शामिल होना केवल रिपोर्ट नहीं है, यह भाजपा सरकार की नाकामी का चार्जशीट है।
भाजपा सरकार को याद रखना होगा कि बेटियों की चीख को दबाकर सत्ता की कुर्सी नहीं बचाई जा सकती।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments