भूमाफिया का कारनामा : मृतक को जिंदा दिखाकर बेच डाली जमीन, फिर बन गये फ्लैट

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‘आरोपितों पर एफआइआर दर्ज करने के साथ ही भूमि का दाखिल खारिज निरस्त करने के आदेश’

देहरादून, राजधानी बनते ही दून में जमीनों की खरीद फरोख्त का धंधा बढ़ने लगा इसके साथ इस सौदे में धोखाधड़ी भी होने लगी, ऐसे ही एक धोखाधंड़ी का मामला दून में सामने आया, जिसमें भूमाफिया ने मोहकमपुर खुर्द में जमीन हड़पने के लिए मृत व्यक्ति को जीवित दिखा दिया गया। फिर मृत व्यक्ति के नाम से जमीन बिक्री कर दी गई। लैंड फ्राड कोर्डिनेशन कमेटी की बैठक में इस प्रकरण को मंडलायुक्त सुशील कुमार ने गंभीरता से लिया और जमीन हड़पने वाले व्यक्तियों पर एफआइआर करने के आदेश किए गए।
लैंड फ्राड कोर्डिनेशन कमेटी की बैठक में यह बात सामने आयी कि बीएस सिन्हा नाम के व्यक्ति की मृत्यु वर्ष 1998 में हो गई थी। उनके नाम पर मोहकमपुर खुर्द में एक जमीन थी। उनकी मृत्यु के करीब 13 साल बाद वर्ष 2011 में राजू मौर्य, राजकुमार व अनिल कुमार नाम के व्यक्ति ने यह जमीन अपने नाम करा ली।
जमीन बिक्री के लिए बीएस सिन्हा की जगह किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा किया गया। अब इस जमीन पर फ्लैट का निर्माण कर बिक्री भी कर दी गई है। इसकी शिकायत बीएस सिन्हा की पुत्री ने प्रशासन से की थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर प्रकरण में एसआइटी ने जांच की और शिकायत को सही पाया।
मंडलायुक्त सुशील कुमार ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सभी आरोपितों पर एफआइआर दर्ज करने के साथ ही भूमि का दाखिल खारिज निरस्त करने के आदेश दिए हैं। डांडा लखौन्ड में निगम से भूमि से हटाए अतिक्रमण बैठक में मंडलायुक्त सुशील कुमार ने डांडा लखौन्ड में नगर निगम की भूमि पर अतिक्रमण का भी संज्ञान लिया।
उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि भूमि से अवैध कब्जे हटाए जाएं और इसके बाद नगर निगम के माध्यम से भूमि पर तारबाड़ कराई जाए। इसके अलावा उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के प्रकरण को गंभीरता से लिया जाए। इस अवसर पर आइजी गढ़वाल केएस नगन्याल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डा एसके बरनवाल, संयुक्त सचिव एमडीडीए राजा अब्बास, उपजिलाधिकारी नरेश चंद्र दुर्गापाल आदि उपस्थित रहे।