Monday, June 24, 2024
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ग्राफिक एरा में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी : आपदाओं से बचाएंगी नई निर्माण तकनीकें

देहरादून, विशेषज्ञों ने कहा कि बिल्डिंग बनाने की नई तकनीकें हिमालयी क्षेत्रों में आपदाओं से राहत देने में मददगार साबित होंगी।
विशेषज्ञों यह बात आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में कही। संगोष्ठी का उद्घाटन कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक शांतनु रॉय और उत्तराखंड जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने दीप प्रज्वलित करके किया।

सिविल, एनवायरनमेंट एंड कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी:

इकोलॉजिकल, रेसिलियंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंटीग्रेशन विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना होना चाहिए। भारत अर्थ मूवर्स के मुख्य प्रबंध निदेशक शांतनु राय ने नवाचार, सुधार और बदलाव को सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि आगे बढ़ने के लिए समय के साथ खुद में बदलाव करना बहुत जरूरी है। उत्तराखंड जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने विकास के लिए पर्यावरण के साथ संतुलित संबंध बनाने को मनुष्य के लिए आवश्यक बताया।

संगोष्ठी में नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, हैदराबाद के पूर्व निदेशक पद्मश्री डॉ. वी. पी. डिमरी, चैंगक्विंग यूनिवर्सिटी, जापान के डॉ. यूकिओ तामूरा, क्योटो यूनिवर्सिटी, जापान के प्रो. ताईची हायाशी, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस, बैंगलोर के प्रो. सिवाकुमार बाबू, थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला के डॉ. नवीन क्वात्रा व अन्य विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए। वे इस संगोष्ठी में ऑफलाइन व ऑनलाइन तौर पर शामिल हुए।
इस अवसर पर ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट और भारत अर्थ मूवर्स के बीच शैक्षिणिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एमओयू किया गया। कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह और भारत अर्थ मूवर्स के हेड कॉरपोरेट कम्युनिकेशन, तपस तालुकदार ने इसपे हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर सूवेनियर का विमोचन किया गया। संगोष्ठी के पहले दिन, आज 15 से ज्यादा शोध पत्र पढ़े गए।
अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने किया। इसमें डीन प्लैनिंग एंड डेवलपमेंट, डॉ. अजय गैरोला, एचओडी डॉ. के. के. गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. संजना जॉन, आयोजन सचिव डॉ. दीपशिखा शुक्ला, कार्यक्रम संयोजक प्रो. संजीव कुमार व डॉ. अमित श्रीवास्तव, अनेक शोधकर्ता, शिक्षक- शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

 

बालिका इंटर कॉलेज धारचूला के टॉपर्स हुए सम्मानित, जिपंस पुरस्कार 2023 से नवाजा गयाMay be an image of 9 people and tree

-सामुदायिक पुस्तकालय तथा संडे क्लास की अवधारणा पर हुई कार्यशाला

धारचूला, सामुदायिक पुस्तकालय के तत्वाधान में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज धारचूला के टॉपर विद्यार्थियों को शुक्रवार को जिला पंचायत सदस्य पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सामुदायिक पुस्तकालय तथा संडे क्लास की अवधारणा के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के साथ शैक्षिक वातावरण को और अधिक जिम्मेदार बनाने के लिए बातचीत की गई।
मुनस्यारी के जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया द्वारा नगर में सामुदायिक पुस्तकालय के लिए जिला पंचायत बोर्ड से पांच लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत कराया गया था।पुस्तकालय की समस्त सामाग्री यहां पहुंच गई है।
विद्यार्थियों, अभिभावको एवं शिक्षकों को जोड़ने के लिए बालिका इंटर कॉलेज में सामुदायिक पुस्तकालय पर आज एक दिवसीय वर्कशॉप भी आयोजित किया गया।
सामुदायिक पुस्तकालय के जनक तथा जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया द्वारा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के कक्षा 6 की कीर्तिका को 67 प्रतिशत अंक, कक्षा 7 की कुमारी विद्या को 68 प्रतिशत अंक, कक्षा 8 की कविता सामंत को 83 प्रतिशत अंक,कक्षा 9 की दीपा रावल को 72 प्रतिशत अंक ,कक्षा 10 की उषा बिष्ट को 73 प्रतिशत अंक, कक्षा 11 की प्राची ततवाल को 62 प्रतिशत अंक तथा कक्षा 12 की टॉपर दीक्षा महर को 80 अंक लाने पर जिला पंचायत सदस्य पुरस्कार 2023 के रूप में प्रशिक्षित पत्र तथा डिक्शनरी देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर टॉपर विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों द्वारा अपनी सफलता की कहानी सभी विद्यार्थियों के बीच में रखी गयी।
इस अवसर पर कमला नेहरू पुरस्कार वर्ष 2022-23 के लिए चयनित विद्यार्थियों को भी नगद धनराशि वितरित की गई।
विद्यालय की प्रधानाचार्या शकुंतला टम्टा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भीतर शिक्षा को समझने की ललक को पैदा करना आवश्यक है।
जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि सामुदायिक पुस्तकालय का उद्देश्य है कि विद्यार्थी तोता ना बने। वह अपने दिमाग का बखूबी से इस्तेमाल करना सीखे। उन्होंने कहा कि संडे क्लास बच्चों के भीतर झिझक को बाहर करने के लिए सबसे अच्छा अवसर देता है। उन्होंने बताया कि नगर में शीघ्र ही सामुदायिक पुस्तकालय शुरू होने को जा रहा है।
उन्होंने क्षेत्र के शिक्षा क्षेत्र से जुड़े समस्त लोगों का आवाहन किया कि वे सामुदायिक पुस्तकालय की सफलता के लिए अपना योगदान दें। कॉलेज की छात्राओं के द्वारा स्वागत गीत गाकर अतिथियों का स्वागत किया गया।

 

तीन दिवसीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता शुरूMay be an image of 6 people

देहरादून बॉक्सिंग संघ एवं गौतम बॉक्सिंग संस्था के समन्वय से एलिट एवं यूथ बालक बालिका जिला बॉक्सिंग टूर्नामेंट का शुभारंभ करते हुए गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज देहरादून में मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी एवं रेडक्रॉस के राज्य कोषाध्यक्ष मोहन खत्री ने सभी बॉक्सर्स को आशीर्वाद प्रदान करते हुए किया इस अवसर पर उन्होंने डेंगू से सावधान रहने की भी अपील की और युवाओं से रक्तदान का भी आह्वान किया | उन्होंने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही हमें अच्छे भविष्य की ओर ले जाता है। लगातार बॉक्सिंग प्रतियोगिता के आयोजन के लिए उन्होंने देहरादून बॉक्सिंग संघ की सराहना की है। तीन दिवसीय यह प्रतियोगिता 19 मई तक चलेगी |
इस अवसर पर गौतम बॉक्सिंग संस्था के अध्यक्ष कर्नल डी के प्रधान रामेंद्र सिंह डॉ माया डॉ रजत शर्मा एवं डॉ. मिमोह के साथ ही रिंग ऑफिशियल के रूप में देहरादून बॉक्सिंग संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह बुटोइया उपाध्यक्ष कैप्टन वी एस रावत महासचिव दुर्गा थापा छेत्री नरेश गुरुंग पदम बहादुर गुरुंग उमेश कुमार मौर्य अनिल कंडवाल प्रदीप कुमार संध्या थापा प्रियंका सिंह पूजा नेगी प्रदीप थापा विजय ठाकुर संजय चौहान अश्वनी थापा ने आयोजन में सहयोग किया।
आज के मुकाबले में 54 से 57 किलोग्राम में हर्षित ने अंश 63 से 67 में अनमोल ने प्रांजल 67 से 71 में सौरभ ने अनुराग एवं हर्ष ने अपूर्व 45 से 48 में यशस्विनी ने रौनक पाल व आरती ने सुधा 54 से 57 में ओशिन ने कौशल्या 48 से 51 में सूर्यांश ने आरिफ 51 से 54 में सागर ने रवि 54 से 57 में संदीप ने देव 57 से 60 में सुमित ने दीपराज 57 से 60 में आदित्य ने आर्यन 60 से 63 में जीवितेश ने दीपक 75 से 80 में अवनीत ने वंश को हराकर पदक तालिका में अपना स्थान बनाया।

 

आर्यन स्कूल में पंडित अभय रुस्तम सोपोरी द्वारा संतूर व्याख्यान हुआ आयोजितMay be an image of 11 people, flute, violin, temple and text

देहरादून, स्पिक मैके के तत्वावधान में आर्यन स्कूल ने आज प्रसिद्ध पंडित अभय रुस्तम सोपोरी द्वारा संतूर व्याख्यान प्रदर्शन का आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल परिसर में हुआ, जिसके दौरान संगीत और शिक्षा के मिश्रण ने छात्रों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंडित सोपोरी के साथ तबले पर चंचल सिंह और पखावज पर ऋषि शंकर उपाध्याय ने संगत की।

इस अवसर पर पंडित सोपोरी ने अपनी तकनीकों को दर्शाते हुए छात्रों को संगीत के इतिहास और लोकाचार के बारे में बताया और वाद्ययंत्रों के बारे में चर्चा भी करी।

प्रस्तुति के दौरान पंडित सोपोरी ने छात्रों के साथ संतूर के बारे में रोचक जानकारी साझा करते हुए कहा, “संतूर ईरान से नहीं आया है। यह एक स्वदेशी कश्मीरी वाद्य है, और इसे शत तंत्री वीणा के रूप में भी जाना जाता है। तारों को बजाने वाली लकड़ी की पट्टियों को कलम कहा जाता है।”

पंडित सोपोरी का प्रदर्शन के दौरान विभिन्न राग रचनाओं की प्रस्तुति देखी गई। उन्होंने राग पटदीप में भावपूर्ण झोर, झाला और आलाप से शुरुआत की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ध्रुत लय में एक गायन रचना और एक गत (वाद्य रचना) प्रस्तुत की, जिसमें गायन और वाद्य दोनों पर उनकी महारत का प्रदर्शन देखा गया।

संतूर वादक और संगीतकार पंडित अभय रुस्तम सोपोरी संगीत के दिग्गज पंडित भजन सोपोरी के बाद एकमात्र भारतीय शास्त्रीय संगीतकार हैं, जिन्होंने सूफी और लोक संगीत समूहों और ऑर्केस्ट्रा की रचना और संचालन किया है। उनके कई पुरस्कारों में यूनाइटेड नेशंस महात्मा गांधी सेवा पदक (2020), ऑल इंडिया रेडियो द्वारा शीर्ष ग्रेड कलाकार (2019), और ध्रुपद सम्मान (2019) शामिल हैं। उन्होंने विश्व स्तर पर प्रदर्शन किया है, प्रतिष्ठित ऑर्केस्ट्रा के साथ प्रस्तुति दी है और विभिन्न फिल्मों और वृत्तचित्रों के लिए संगीत प्रदान किया है।

कश्मीर में जन्मे पंडित सोपोरी 10 पीढ़ियों से अधिक समय तक फैली सोपोरी सूफियाना घराने की समृद्ध संगीत विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने संतूर के आयामों को नया रूप दिया है और नई तकनीकें व रचनाएँ पेश कर उसका विस्तार किया है। उनके योगदान ने जम्मू और कश्मीर में एक सांस्कृतिक क्रांति पैदा की है, दुनिया भर में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दिया है और संगीत पारखी लोगों की एक नई पीढ़ी को बढ़ावा दिया है।

इस मौके पर आर्यन स्कूल के प्रिंसिपल बी. दासगुप्ता ने कहा, “आर्यन स्कूल में पंडित अभय रुस्तम सोपोरी की प्रस्तुति से हमें गर्व महसूस हो रहा है। उनका गायन सिर्फ़ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि हमारे छात्रों के लिए एक समृद्ध अनुभव रहा, जिसमें शिक्षा और संस्कृति का सहज मिश्रण था। संगीत के प्रति उनका समर्पण और छात्रों को प्रोत्साहित करने के उनके प्रयास वाकई प्रेरणादायक हैं।”

 

यूसर्क द्वारा “सीपेट में उत्तराखंड के विद्यार्थियों के अध्ययन एवं करियर के अवसर” विषय पर कार्यक्रम का आयोजनMay be an image of 9 people, people studying, people standing, office and text that says 'จ่ उतराखण्ड शासन उत्तराखंड विजञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसरक) देहरादू सृचना एवं विजान प्रोद्योगिकी विभाग, उत्तराखंड शासन বনদোেরি ギャシャンチオンル!'

देहरादून, यूसर्क द्वारा आज शुक्रवार को यूसर्क के डिजिटल लर्निग प्लेटफार्म के अन्तर्गत देहरादून के डोईवाला स्थित सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ पेट्रो केमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीपेट) के संयुक्त तत्वावधान में सीपेट में उत्तराखंड के विद्यार्थियों हेतु अध्ययन एवं करियर के अवसर विषय पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रोफेसर (डा.) अनीता रावत ने कहा कि यूसर्क उत्तराखंड राज्य के विद्यार्थियों के कौशल विकास, नवाचार एवं उनके करियर को सही दिशा देने के उद्देश्य के साथ राज्य तथा राज्य के बाहर अवस्थित विभिन्न शोध, अनुसंधान एवं शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। इसी दिशा में आज सीपेट संस्थान (भारत सरकार) के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से हमारे राज्य के विद्यार्थियों को इसका लाभ प्राप्त होगा।

सीपेट के संयुक्त निदेशक श्री अभिषेक राजवंशी ने अपने संबोधन में बताया कि सीपेट में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अध्ययन के साथ साथ उनके कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है जिससे उनका अच्छे स्थानों पर शत प्रतिशत प्लेसमेंट हो जाता है ।

सीपेट के विशेषज्ञ श्री शादाब ने संस्थान में चलने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया तथा सीपेट में प्रयोगात्मक रूप से सिखाये जाने वाले कौशल विकास कार्यक्रमों एवं अन्य सभी गतिविधियों पर विस्तार से बताया।

कार्यक्रम का संचालन यूसर्क वैज्ञानिक डा. ओम प्रकाश नौटियाल ने किया तथा कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ भवतोष शर्मा ने किया।

कार्यक्रम में डा. राजेन्द्र सिंह राणा, राजद्वीप जंग, उत्तराखण्ड राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, यूसर्क के विज्ञान चेतना केंद्रों के शिक्षकों सहित 250 से अधिक छात्र छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया।

 

दून पुस्तकालय में लगी बीट्राइस डे फेज द्वारा संवर्धित वास्तविकता पर आधारित चित्रों की प्रदर्शनीMay be an image of 5 people

देहरादून, पुस्तक वाचन और चर्चा, संगीत, वृत्तचित्र फिल्म, लोक परंपराओं व कलाओं, इतिहास, सामाजिक विज्ञान पर आधारित विविध कार्यक्रमों के अंर्तगत दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र ने फ्रेंच एलाइंस चण्डीगढ़ शाखा के साथ मिलकर अंतरिक्ष: बीट्राइस डे फेज द्वारा संवर्धित वास्तविकता पर आधारित नव कार्यों की एक प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। यह प्रदर्शनी दून पुस्तकालय के तीसरे तल पर स्थित गैलरी में लगाई गयी है।

अंतरिक्ष वस्तुतः एक प्रदर्शनी है जिसमें 12 पेंटिंग शामिल हैं जिनमें से एक कहानी संवर्धित वास्तविकता में सामने आती है। यह कथन एक भ्रामक दुनिया के विनाश और एक चरित्र, कथावाचक की आरंभिक यात्रा के साथ है, जो खुद को उसकी कैद, उसकी सीमाओं और उसके द्वंद्व से मुक्त करता है। भारत में दक्षिण के पठार पर हैदराबाद की ग्रेनाइट चट्टानों से प्रेरित होकर, वह विलक्षण प्राणियों, संस्थाओं, स्थानों, ऊर्जाओं, अवधारणाओं का सामना करती है।

संवर्धित वास्तविकता और प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्र 2 डी पेंटिंग्स की तरह दिखते हैं। जब संवर्धित वास्तविकता ऐप डाउनलोड और लागू किया जाता है, तो कथा की परतें एक-एक कर खुलती जाती हैं और दृश्य को सामग्री का एक वैकल्पिक अंतरिक्ष प्रदान करती हैं। दर्शक इसे पदण्ेचंबम एप डाउनलोड करके और स्थानिक कथा और ध्वनि आयामों के खोज के लिए हर पेंटिग को स्कैन करके उन्हें जीवंत रुप में देख सकते हैं।

यह प्रदर्शनी आज से आगामी शनिवार, 1 जून, 2024 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आम दर्शकों के लिए निशुल्क तौर पर देखने के लिए खुली रहेगी।

प्रदर्शनी के शुभारम्भ के अवसर पर कई कलाप्रेमी, बुद्विजीवी, साहित्यकार ,लेखक तथा, पुस्तकालय सदस्य व बड़ी संख्या में पुस्तकालय के युवा पाठक उपस्थित रहे।

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