देहरादून। देवभूमि देहरादून में शुक्रवार, 27 मार्च को श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से समूचा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कथा प्रारंभ से पूर्व प्रातःकाल भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने सिर पर कलश धारण कर नगर में भक्ति एवं आध्यात्मिकता का संदेश प्रसारित किया। “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से सम्पूर्ण क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का सरस एवं भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायक वर्णन किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं।
इस पावन अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री खजान दास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कथा का विधिवत शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में न्याय क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ एवं विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की भव्यता और अधिक बढ़ गई।
कथा स्थल को आकर्षक एवं भव्य सजावट से सुसज्जित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सम्पूर्ण परिसर भजन-कीर्तन, भक्ति संगीत एवं जयघोषों से गुंजायमान रहा।
आयोजकों के अनुसार, यह श्रीमद्भागवत कथा आगामी कई दिनों तक निरंतर आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है। कथा के साथ-साथ भजन-कीर्तन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न होंगे।
इस अवसर पर राजवीर सिंह, विनोद कम्बोज, विवेक गुप्ता, प्रवीण रस्तोगी, प्रवजोत साहनी एवं सुभाष चावला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में यजमान श्रीमती सीमा शर्मा, श्री सुनील शर्मा, श्री संदीप रस्तोगी एवं श्रीमती शिल्पी रस्तोगी की विशेष भूमिका रही। यजमानों ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता, सद्भाव एवं आध्यात्मिक जागरूकता को सुदृढ़ करते हैं।



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