डॉ. अनिल वर्मा को डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर रक्तदान क्रांतिवीर अवार्ड से नवाज़ा
देहरादून, रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता, कौशल विकास, आजीविका एवं पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से समाज कल्याण में अग्रणी संस्था “वीरा फाउंडेशन” द्वारा विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष में रक्त संचरण के जनक डॉ. कार्लस्टीनर की स्मृति में शिमला बाईपास स्थित कार्यालय में एक रक्तदान जागरूकता संगोष्ठी व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा, रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा कार्लस्टीनर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सन 1900 -1901 में उन्होंने आधुनिक चिकित्सा की महानतम खोजों में से एक रक्त संचरण में “ए बी ओ” ब्लड ग्रुपों का अविष्कार करके क्रांति कर दी थी। इसके कुछ समय बाद ही उनके सहयोगियों ने “ए बी” ब्लड ग्रुप की। सन 1940 में डॉ. लैंडस्टीनर एवं डॉ. अलेक्जेन्डर वीनर ने मिलकर “आरएच फैक्टर” की खोज करके महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान और रक्ताधान में होने वाली जटिलताओं को रोकने में मदद की।
वीरा फाउंडेशन की सीईओ रितु डोभाल ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। किसी भी अस्पताल में रक्त की कमी के कारण बहुत से मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है। रक्तदानी किसी देवदूत से कम नहीं होता।
इस मौके पर यूथ रेडक्रॉस सोसाइटी के रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा को 155 बार रक्तदान करने तथा नेत्रदान सहित सम्पूर्ण देहदान संकल्प के लिए “डॉ कार्ल लैंडस्टीनर रक्तदान क्रांतिवीर अवार्ड” प्रदान करके सम्मानित किया।
इस अवसर पर संस्था की पर्यावरण विभाग अधिकारी प्रेरणा प्रजापति, अदिति डंग, आर्यन सिंह मिंगवाल, फाउंडेशन के चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफिसर विनोद डोभाल डोभाल, सह-संस्थापक यशवीर सिंह राणा आदि मौजूद रहे, कार्यक्रम का संचालन ऋचा उनियाल तथा धन्यवाद ज्ञापन निरंजन कौर ने किया।


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