Sunday, August 16, 2026
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ट्रेन यात्रियों को झटका, महंगा होगा सफर, 26 दिसंबर 2025 से होगी बढोतरी

नई दिल्ली, ट्रेन में सफर करने वालों के लिए महत्वपूर्ण खबर यह है कि भारतीय रेलवे ने ट्रेन के किराए में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है, जो आगामी 26 दिसंबर 2025 से प्रभाव में आएगा। हालांकि, रेलवे ने आम आदमी को राहत देते हुए छोटे सफर करने वाले यात्रियों को इस बढ़ोतरी से दूर रखा है, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा अब यात्रियों की जेब पर थोड़ी भारी पड़ने वाली है। रेलवे का कहना है कि बढ़ते परिचालन खर्च और बेहतर सुविधाओं को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
रेलवे द्वारा जारी नई व्यवस्था के अनुसार, सबअर्बन यात्रियों और मंथली सीजन टिकट (एमएसटी) धारकों के किराए में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। इसके साथ ही, साधारण श्रेणी (ऑर्डिनरी क्लास) में 215 किलोमीटर तक की यात्रा करने वालों को भी पुरानी दरों पर ही टिकट मिलेगा, जिससे छोटे और मध्यम दूरी के यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, नई व्यवस्था के तहत 215 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करने वाले साधारण श्रेणी के यात्रियों को अब प्रति किलोमीटर 1 पैसा अतिरिक्त देना होगा। वहीं, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी और एसी दोनों श्रेणियों में किराए में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई यात्री नॉन-एसी में 500 किलोमीटर का सफर करता है, तो उसे अब पहले के मुकाबले 10 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस किराया संशोधन से चालू वित्त वर्ष में रेलवे को करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक दशक में रेलवे का नेटवर्क और संचालन काफी बढ़ा है, जिससे खर्चों में भी भारी इजाफा हुआ है। आंकड़ों पर नजर डालें तो रेलवे का मैनपावर खर्च बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि पेंशन पर सालाना 60 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। कुल मिलाकर वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे का ऑपरेशनल खर्च करीब 2.63 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इन बढ़ते खर्चों को संतुलित करने के लिए ही यात्री किराए में यह मामूली संशोधन किया गया है।
रेलवे का दावा है कि खर्चों में बढ़ोतरी का सीधा असर सुरक्षा और बेहतर सेवाओं पर पड़ा है, जिसके चलते भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा माल ढोने वाला रेलवे नेटवर्क बन चुका है। हाल ही में त्योहारों के दौरान 12 हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों का सफल संचालन भी रेलवे की मजबूत वर्क फोर्स का उदाहरण है। कुल मिलाकर, यह बढ़ोतरी भले ही देखने में मामूली लग रही हो, लेकिन नियमित रूप से लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी और अब उन्हें अपनी यात्रा की योजना नए किराए को ध्यान में रखकर बनानी होगी।

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