Friday, April 24, 2026
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दिग्गज नेताओं के साथ कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने किया राजभवन कूच

देहरादून, प्रदेश में लगातार आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, महिला सुरक्षा, खनन और भूमाफिया आदि मुद्दों को लेकर सोमवार को कांग्रेस सड़कों पर उतरी,विभिन्न जनपदों से दून पहुँचे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ हजारों कार्यकर्ताओं ने राजभवन कूच किया, कूच से पहले कांग्रेस नेताओं ने परेड ग्राउंड में सभा की और सरकार के खिलाफ बढ़ते अपराधों, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था और जंगली जानवरों के आतंक जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर अपना आक्रोश जाहिर किया।
राजभवन कूच से पहले परेड ग्राउंड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जन सैलाब उमड़ा, परेड ग्राउंड में कांग्रेस की तरफ से एक जनसभा का आयोजन किया गया।
राजभवन कूच से पहले जनसभा कार्यक्रम में पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद रहे और बारी-बारी से मंच के माध्यम से अपने संबोधन से कार्यकर्ताओं का जोश भरते नजर आए, परेड ग्राउंड में जनसभा के बाद कांग्रेस ने राजभवन की ओर कूच किया, इस दौरान कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रदेश के अनेकों जिलों से कार्यकर्ताओं का परेड ग्राउंड पहुंचना लगातार जारी रहा, सबसे बड़ी बात इस प्रदर्शन में यह रही कि कांग्रेस का जमीनी स्तर का कार्यकर्ताओं के साथ आम जनमानस ने भी अपनी भागीदारी निभायी, राजभवन कूच से पहले मंच पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह मौजूद रहे।
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि, भाजपा सरकार के कुशासन से मुक्ति पाने के लिए आज दून की सड़कों पर जन सैलाब उतर आया है, राज्य में प्रचंड बहुमत की सरकार ने जनादेश का अपमान किया है राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और राज्य में जंगल राज कायम है, चारों तरफ बढ़ते अपराधों से भय का वातावरण व्याप्त है, प्रदेश में रोजगार खत्म हो गए हैं और नौजवानों के हाथों में काम नहीं है। पलायन बदस्तूर जारी है, दूसरी तरफ पहाड़ों में विद्यालयों को बंद किया जा रहा है अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हो रखी है। आज भी लगातार उत्तराखंड आपदा का दंश झेल रहा है, आज भी धराली, बूढ़ा केदार से लेकर घनसाली और जोशीमठ, थराली, मुनस्यारी, धारचूला और तराई क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवारों को अभी तक बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं. धराली में अभी भी 140 के करीब शव जमींदोज हैं, लेकिन सरकार ने चुप्पी साध रखी है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस के आंदोलन को कुचलने के लिए रात भर में सड़कों पर लगे कांग्रेस के पोस्टर बैनर हटा दिए गए, लेकिन अब यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।लचर कानून व्यवस्था,महिला अपराध के खिलाफ कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, कई  कांग्रेसियों को पुलिस ने हिरासत में लिया - Uttarakhand Raibar
परेड ग्राउंड में कांग्रेस ने जनसभा आयोजित की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस के इस प्रदर्शन में सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि आम जनमानस भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है, क्योंकि राज्य इस वक्त त्राहिमाम कर रहा है । खुलेआम अपराधी बेखौफ होकर दिनदहाड़े गोलियां चला रहे हैं. राज्य में दिन प्रतिदिन महिला अपराधों में वृद्धि हो रही है. प्रदेश में भर्ती घोटाले हो रहे हैं. इन सबसे युवाओं में मायूसी है. गन्ने के समर्थन मूल्य के लिए किसान आंदोलनरत हैं । अब तो पहाड़ों में सेब के किसान भी देहरादून जाकर प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं. विभागों की कार्यशैली से लोग परेशान हो गए हैं।प्रदेश की बेटियों को सुरक्षित रखने, बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर कांग्रेस आज निर्णायक लड़ाई लड़ने जा रही है ।
कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने इस मौके पर कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। देहरादून जिले में 15 दिन के भीतर पांच हत्याएं हो गई. आज पूरा उत्तराखंड अपराधियों के हौसलों से भयभीत है. पहाड़ों के निवासी जंगली जानवरों से डर के साए में अपना जीवन यापन कर रहे हैं, इसलिए कांग्रेस पार्टी ने यह कार्यक्रम, अमन चैन कायम रखने, प्रदेश के अंदर शांति व्यवस्था, नौजवानों को रोजगार मिलने, पेपर लीक ना होने, नकल, भू और शराब माफियाओं से प्रदेश को मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से रखा है।
पार्टी इस प्रदर्शन को 90 दिन के सरकार-विरोधी अभियान का पहला बड़ा पड़ाव बता रही है, वहीं कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार, खनन और भू-माफिया जैसे मुद्दों पर कांग्रेस आक्रामक है। रैली में 15-20 हजार लोगों की मौजूदगी का दावा किया गया है। हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ता ढोल-दमाऊ की थाप पर राजभवन कूच को निकले, इस बीच पुलिस ने कई स्थानों पर बेरिकेटिंग लगाकर रोकने का प्रयास, इस बीच पुलिस को हल्के बल का प्रयोग भी करना पड़ा, प्रदर्शन देहरादून और आसपास से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे, जबकि पर्वतीय जिलों के कार्यकर्ताओं के जत्थे भी अपने दल के साथ राजभवन कूच को रवाना हुए ।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने इसे सरकार की नीतियों के खिलाफ “हल्लाबोल” बताया और कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है। कांग्रेस नेता राजेश चमोली ने आरोप लगाया कि लोक भवन कूच के डर से भाजपा सरकार ने पोस्टर-बैनर हटवाए हैं। इस कूच को सफल बनाने के लिए भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा, अलका लांबा भी मार्च में शामिल हुई है। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि यह आंदोलन केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले महीनों में और तेज होगा।
वहीं, आज कांग्रेस के राजभवन कूच और रैली के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। राजभवन कूच में शामिल होने वाली बड़ी बसों को गुरुनानक ग्राउंड, रेसकोर्स में खड़ा किया गया है। सिटी बसों और पुलिस बल के वाहनों की पार्किंग रेंजर्स ग्राउंड में निर्धारित की गई है। परेड ग्राउंड में रैली में आने वाले छोटे वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं, वीआईपी वाहनों को स्मार्ट सिटी शेड पार्किंग परेड ग्राउंड परिसर में स्थान दिया गया है।

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