Thursday, July 16, 2026
HomeStatesUttarakhandभोजन मे उपलब्ध रस, गंध एवं पोषक पदार्थ स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती...

भोजन मे उपलब्ध रस, गंध एवं पोषक पदार्थ स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती का प्रमुख आधार : प्रो० गर्ग

हरिद्वार (कुलभूषण)भोजन की सात्विकता शरीर की रचना, अंगों के संचालन की प्रक्रिया सहित मानसिक स्वास्थ्य को सर्वाधिक प्रभावित करती है। आयुर्वेद की घेरण्ड संहिता (पाक शास्त्र) मे भोजन मे उपलब्ध रस, गंध एवं पोषक पदार्थ स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती का प्रमुख आधार है। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के भेषज्ञ विज्ञान विभाग द्वारा खाद्य, पोषण एवं आहार विषय पर आयोजित व्याख्यान सत्र के अवसर पर एम0वी0एन0 विश्वविद्यालय, पलवल, हरियाणा के कुलपति प्रो0 अरुण गर्ग ने अपने संबोधन मे व्यक्त किये।  भेषज्ञ विज्ञान विभाग के सभागार मे आयोजित विशेष सत्र मे प्रो0 गर्ग ने कहा कि भागदौड़ वाली जिंदगी मे भोजन की पोषकता को भी प्रभावित किया है। भोजन मे उपलब्ध पोषक तत्वों की जैविक व्यवस्था कीटनाशक के अधिक उपयोग के कारण विकृत एवं दूषित होती जा रही है। नई पीढ़ी के स्वस्थ जीवन को बचाये रखने के लिए आज इस चुनौती का सामना करना जरूरी हो गया है। उन्होने जीवन-शैली को अनुशासित एवं संयमित रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे डीन एवं अध्यक्ष प्रो0 सतेन्द्र राजपूत ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता तथा मात्र दोनो की अनियत्रित होती जा रही है। आज का युवा कम समय मे खाये जाने वाले भोज्य पदार्थो को अधिक पसंद कर रहा है। जो स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक है। कार्यक्रम मे विभाग के डॉ0 विनोद नौटियाल, डॉ0 कपिल मिश्रा, संजीव मिश्रा, सुनील भगत, नरेश त्यागी, जनसम्पर्क अधिकारी डॉ0 शिवकुमार चौहान, कुलभूषण शर्मा, रविन्द्र कुमार, हेमन्त सिंह नेगी, विकास कुमार, नीरज बिरला, मनोज कुमार, हरेंद्र मलिक, आनन्द सिंह सहित शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत मे विषय प्रवर्तक एवं एम0वी0एन0 विश्वविद्यालय, पलवल, हरियाणा के कुलपति प्रो0 अरुण गर्ग को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं विश्वविद्यालय साहित्य भेट कर सम्मानित किया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments