“गोपेश्वर स्थित बीकेटीसी सभागार में रविवार राज्य आंदोलनकारी व राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रहे कमल किशोर डिमरी ने सैकड़ों समर्थकों के साथ उत्तराखण्ड क्रान्ति दल की सदस्यता ग्रहण की”।
गोपेश्वर – रविवार को सीमांत जनपद चमोली जिला मुख्यालय में सैकड़ों लोगों ने उत्तराखण्ड क्रान्ति दल की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर उत्तराखण्ड क्रान्ति दल पूर्ण रूप से चुनावी तैयारियों में जुटा नजर आया। स्थानीय बीकेटीसी सभागार में आयोजित सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित दल के केन्द्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती ने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनावों के लिये कमर कसने की बात कही तथा उपस्थित जनसमुदाय से अपील करते हुये कहा कि आपका एक एक वोट उत्तराखण्ड के भविष्य को संवारने के लिये जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आप अपना वोट यूकेडी को दें हम प्रदेश की तस्वीर बदल देंगे।
बीकेटीसी सभागार में आज राज्य आंदोलनकारी व राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रहे कमल किशोर डिमरी ने सैकड़ों समर्थकों के साथ उत्तराखण्ड क्रान्ति दल की सदस्यता ग्रहण की। स्थानीय बीकेटीसी सभागार में हुये सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में गोपेश्वर नगर छैत्र सहित जनपद के दूर दराज से सैकड़ो की संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान कमल किशोर डिमरी ने राज्य आंदोलन की यादें ताजा करते हुते कहा कि उत्तराखण्ड बनाने में यूकेडी की बड़ी भूमिका रही ओर आज राज्य को बचाने के लिए यूकेडी का सत्ता में आना जरुरी है। एक राज्य आंदोलनकारी होने के नाते वे राज्य को बचाने की इस मुहिम में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के साथ खड़े हुये।
उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के प्रति जनता के बढ़ते रुझान को देखते हुए उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जनपद चमोली जिला कार्यकारिणी द्वारा आयोजित इस सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में भारी संख्या में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने भी शिरकत की।
इस अवसर पर दल के केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय, केन्द्रीय महामंत्री व जनपद प्रभारी देवेन्द्र चमोली, केन्द्रीय महामंत्री बृजमोहन सजवाण, केन्द्रीय महामंत्री गणेश काला, जिलाध्यक्ष यदुबीर नेगी, वरिष्ठ नेता भूपाल सिंह गुसाईं, केन्द्रीय उपाध्यक्ष अरूण शाह, पूर्व कुलपति प्रो. उदय सिंह रावत, सौम्या चौधरी, दिनेश चंद्र मास्टर जी, आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दल के केन्द्रीय महामंत्री राजेन्द्र सिंह बिष्ट द्वारा किया गया।




