देहरादून, “साठ वर्ष – साठ वृक्ष” इस संकल्प को साकार रूप देने के उद्देश्य से केंद्रीय विद्यालय से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए जीवविज्ञान शिक्षक पीयूष निगम ने एक अनोखी व सराहनीय पहल कर आदर्श स्थापित किया साथ ही कर्मचारियों को अनुसरण करने का सफ़ल संदेश भी दिया।
निगम ने जिला कारागार, देहरादून में 60 वृक्षों का सामूहिक रूप से रोपण किया।
इस कार्य के लिए पूर्ण प्रोत्साहन मिला जिला कारागार के डीआईजी दाधिराम मौर्य व जेलर पवन कुमार कोठारी से जिन्होंने जेल में जयंती वाटिका का निर्माण करने का संकल्प लिया और अपना भरपूर समर्थन दिया।
इस वृक्षारोपण अभियान के मुख्य अतिथि के रूप में महापौर सौरभ थपलियाल थे,साथ ही अखिल भारतीय किसान मोर्चा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह पुंडीर व संजीव वर्मा भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी भी आमंत्रित थे,उन्होंने सामूहिक रूप से मिलकर कारागार परिसर में नवनिर्मित वाटिका में वृक्षारोपण किया।
इस पर्यावरणीय पावन कार्य की प्रेरणा स्रोत भारत विकास परिषद व संस्कार भारती के संरक्षक रोशन लाल अग्रवाल व योगेश अग्रवाल थे। वहीं इस पूरे कार्य का संयोजन व विशेष सहयोग राम कपूर संस्थापक अध्यक्ष क्लीन एंड ग्रीन एनवायरनमेंट सोसाइटी ने किया। संस्था का प्रत्येक सदस्य इस कार्य हेतु तन मन धन से पर्यावरण के संरक्षण हेतु समर्पित रहा। इस संस्था का यह 5वां वृहद पौधारोपण अभियान था, जिसमे पेड़ पौधों को उपलब्ध कराना,मिट्टी, खाद,पानी की व्यवस्था कारना गड्ढे करवाना आदि कार्य शामिल थे।
इस पुण्य कार्य में माम चन्द प्राचार्य पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय भारतीय सैन्य अकादमी, संजय श्रीवास्तव अध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासभा उत्तराखंड, डी एम लखेड़ा अध्यक्ष अखिल भारतीय के वि शिक्षक संघ, श्रृंखला सांस्कृतिक समिति के समस्त सदस्यों, संजय बामनिया व अशोक जुयाल अभिभावकों आदि ने सामूहिक रूप से सहभागिता की, सभी अतिथियों ने सोसाइटी के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में और अधिक हरियाली फैलाने और वृक्ष लगाने का आह्वान किया।
इस अभियान में विभिन्न प्रजातियों के 80 से अधिक वृक्ष रोपित किए गए। रोपित किए गए वृक्षों में अशोका, गुलमोहर, कनेर, चंपा, बॉटल ब्रश, केसिया सामिया, इत्यादि के वृक्ष शामिल किए गए।
इस वृक्षारोपण अभियान में डिप्टी जेलर विवेक शुक्ला, अरविंद रावत, सैनी जी सोसाइटी के उपाध्यक्ष रणदीप अहलूवालिया, सचिव जे पी किमोठी, कोषाध्यक्ष शंभू शुक्ला, गगन चावला, मंजुला रावत, दीपक सिंह, रविंदर खालसा, संजय भाटिया, अनुराग शर्मा, राजेश बाली, दिवाकर नैथानी, वंश नैथानी सुंदर शुक्ला, राजन नेगी, धीरज बिष्ट, अमित रावत, डॉ. शिल्पा, जे पी गर्ग, हितेन्द्र सक्सेना सोनी सक्सेना, अनिता सक्सेना, मुक्तेश जी, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, श्रवण चौहान, संदीप सिंह, सुमित, नितिन, मनोज आदि शामिल रहे।
पीयूष निगम एक सार्थक पहल का व्यक्तित्व :
सामाजिक सरोकार को ही अपना सार्थक पक्ष बनाकर जीवनभर एक मिशन के रुप जब कोई शिक्षक सकारात्मक पहल को बच्चों के जेहन में समाहित करता है तो एक स्वस्थ बचपन निखर जाता है, ऐसा कुछ ऐसी बयार बहायी शिक्षक पीयूष निगम ने…! उत्तर प्रदेश की गंगा-जमुनी तहज़ीब के शहर लखनऊ में जन्में स्नातकोत्तर जीवविज्ञान के इस शिक्षक ने अपने सेवा काल में अपने विद्यार्थियों व सहकर्मियों संग सैकड़ों वृक्षों का रोपण किया।
अपने विद्यार्थियों को पेड़ों व जीवजंतुओं की महत्ता बताते हुए उनके संरक्षण- संवर्धन हेतु सदैव जागरूक किया।
सादगी के प्रतीक व विलक्षण प्रतिभा के धनी पीयूष ने यह बयार की शुरूआत वर्ष 2006 से अपने विद्यार्थियों को उनके अपने जन्मदिन पर एक वृक्ष लगाने हेतु प्रेरित कर विद्यालय को एक पौधा भेंट करने के लिए प्रोत्साहित किया साथ ही विद्यालय में बर्थडे पार्क का भी निर्माण कराया। अपनी धुन के पक्के इस शिक्षक ने स्टेट ओलंपिक खेलों में तलवारबाज़ी व तीरंदाज़ी मेंरजत पदक प्राप्त किए। खो-खो, क्रिकेट, बैडमिंटन आदि खेलों में भी कॉलेज एवं राज्य स्तर पर पीयूष के उत्कृष्ट प्रदर्शन सराहनीय रहे।
लेखन के क्षेत्र में आपने 50 से अधिक देशभक्ति,पर्यावरण एवं धार्मिक गीत-कविताएँ रचीं,साथ ही समाज मे पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से अनेक गीतों को संगीतबद्ध कर अपने मधुर गायन से म्यूजिक वीडियो एल्बम भी तैयार किए। “इनकी वाणी में बसता है सुरों का स्वर्गिक संगम, हर राग, हर ताल को आपके स्वर करते हैं अनुपम। “पीयूष निगम को उनके देशभक्ति गीत गायन पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पुरस्कृत भी किया।
पीयूष निगम एक शिक्षक ही नहीं केंद्रीय विद्यालय संगठन के अभिमान, देहरादून की सांस्कृतिक धरोहर, संगीत जगत की संवेदनशीलता और और साधना का अद्भुत संगम हैं।
सामाजिक,शैक्षणिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए उन्हें अनेक सम्मानों से अलंकृत किया गया है।
पीयूष कीसेवा यात्रा दिसंबर 1993 को केंद्रीय विद्यालय संगठन में जीव विज्ञान शिक्षक के रूप में केंद्रीय विद्यालय,टेंगा वैली,अरुणाचल प्रदेश से आरंभ हुई। इसके पश्चात उन्होंने देश के पाँच विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों में अपनी उत्कृष्ट सेवा दी। अपनी प्रतिभा से पीयूष ने मानव संसाधन विकास मंत्री भारत सरकार द्वारा 2009 में राष्ट्रीय सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।
पीयूष निगम को शिक्षा मंत्री उत्तराखंड सरकार द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता सम्मान मिला। स्काउटिंग के क्षेत्र “मेडल ऑफ मेरिट” पुरस्कार से निगम को नवाज़ा गया। कक्षा 12वीं में लगातार कई वर्षों तक उत्कृष्ट पी.आई. के साथ शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम हेतु निगम को “गोल्ड मेडल प्रमाणपत्र” भी प्रदान किया गया, कठिन से कठिन कार्य को सहजता से करने की कला का यह जादूगर 31 जुलाई 2025 को आप पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय भारतीय सैन्य अकादमी से 32 वर्षों की समर्पित सेवा के उपरांत सेवानिवृत्त हो गए। लेकिन उनके द्वारा चलायी एक सार्थक बयार आज भी युवापीढ़ी के लिये दिशाबोध का कार्य करती रहेगी ।



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