रुद्रप्रयाग(आरएनएस)। ऑनलाइन दवा की बिक्री रोकने, कोविड जीएसआर 220 वापस लाने समेत कई मांगों के संबंध में राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान पर जिले के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे। जिला मुख्यालय समेत गौरीकुंड, सोनप्रयाग, फाटा, रामपुर, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ क्षेत्र में दवा दुकानें बंद रहने से मरीजों और तीर्थयात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दवा व्यापारियों ने मांगों के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ज्ञापन भेजा। बुधवार को हुए बंद के दौरान डायबिटीज, ब्लड प्रेशर व अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज दवा के लिए भटकते नजर आए। जन औषधि केंद्रों में भी कई जरूरी दवा उपलब्ध नहीं होने से परेशानी उठानी पड़ी। दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी की अनियंत्रित व्यवस्था और कॉर्पोरेट कंपनियों की भारी छूट से छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दीपांशु भट्ट ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापार बचाने का विषय नहीं है यह मरीजों की सुरक्षा और लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा मुद्दा है। वहीं महामंत्री लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने कहा कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस दौरान एसएस कुंवर, सुरेश गोदियाल, अनुसूया भट्ट, हरिहर रावत, हरिऔध बगवाड़ी, मनीष मैखुरी, शमशेर मल, दलबीर बर्त्वाल, महिपाल बजवाल, महेश बर्त्वाल, बलबीर लाल, लक्ष्मण रावत और जगदंबा सकलानी सहित अन्य केमिस्ट मौजूद रहे।
केमिस्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
कर्णप्रयाग। बुधवार को नगर में सभी दवाओं की दुकानें बंद रहीं। केमिस्ट एसोसिएशन ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की। वहीं मरीज और तीमारदार दवा के लिए भी भटकते रहे। ऑनलाइन दवा की बिक्री रोकने, कोविड जीएसआर 220 वापस लाने आदि की मांग को लेकर ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट और ड्रगिस्ट के बैनर तले मेडिकल स्टोर के संचालकों ने प्रतिष्ठानों को बंद रखा। केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रेम चंद्र पुरोहित ने बताया कि ऑनलाइन दवा की बिना जांच के बिक्री की जा रही है जबकि इस दौरान कई नशे की दवा की भी आपूर्ति की जा रही है जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं मेडिकल स्टोर बंद होने से लोगों को दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। कंडारा गांव के विजय कुमार ने बताया कि उनके किसी परिचित को दवा चाहिए थी। मगर नहीं मिली। वहीं सारी के दिनेश बिष्ट ने बताया कि उनकी पत्नी के लिए कुछ दवाएं लेनी थीं लेकिन दवा नहीं मिल पाई। वहीं वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें बीपी तक की गोली बाजार में नहीं मिली। इस मौके पर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष ललित मोहन खंडूड़ी, वीरेंद्र बर्त्वाल, अंकित गुसाईं, कैलाश सती, अमित पंत, दिनेश पुरोहित आदि मौजूद रहे।.
रुड़की में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में सभी मेडिकल स्टोर बंद
रुड़की(आरएनएस)। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के आह्वान पर रुड़की केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को जमकर प्रदर्शन किया। ऑनलाइन दवा बिक्री, कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा भारी छूट और नकली दवाओं के विरोध में अपने मेडिकल स्टोर बंद रखे। मेडिकल स्टोर बंद होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग दवाओं के लिए इधर-उधर भटकते रहे। ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक, कॉर्पोरेट कंपनियों की ओर से दवाओं पर दी जा रही भारी छूट इसको लेकर ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) की ओर से लगातार विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इसके चलते ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर रुड़की के दवा व्यापारियों ने अपने मेडिकल स्टोर बंद रखे। बुधवार को सुबह करीब 11 बजे सभी मेडिकल स्टोर स्वामियों ने रुड़की केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की अगुवाई में बीएसएम तिराहा शहीद भगत सिंह तिराहे पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया।
व्यापारी बोले, नकली दवाओं के बढ़ने की भी आशंका:
रुड़की केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप शर्मा व महामंत्री अवनीश शर्मा ने कहा कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री व कंपनियों की ओर से दी जाने वाली भारी छूट के कारण मेडिकल स्टोर बाजार से बाहर होते जा रहे हैं। कारोबार ठप होता जा रहा है। यदि इस पर रोक न लगी तो मेडिकल स्टोर बंद करने पड़ जाएंगे। इससे नकली दवाओं के बढ़ने की भी आशंका है। ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर दवाओं की बिक्री कर रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ रहा है। इसके अलावा बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा भारी डिस्काउंट दिए जाने से स्थानीय दवा व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है
मंगलौर में बंद रखे मेडिकल स्टोर: मंगलौर। ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकानें बंद रखकर शिव चौक पर दवा कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। मंगलौर कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले एकजुट व्यापारियों ने मुख्य बाजारों में पैदल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। संगठन के अध्यक्ष नवीन गोयल ने कहा कि आनलाइन दवा बिक्री का सीधा असर पारंपरिक व्यापार पर पड़ रहा है। बिना डॉक्टर के पर्चे के धड़ल्ले से ऑनलाइन दवाएं युवाओं में नशे की प्रवृत्ति और गलत दवाओं के सेवन को बढ़ावा दे रही हैं। सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। कहा कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बंद रखे मेडिकल स्टोर
मंगलौर। ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकानें बंद रखकर शिव चौक पर दवा कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। मंगलौर कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले एकजुट व्यापारियों ने मुख्य बाजारों में पैदल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। संगठन के अध्यक्ष नवीन गोयल ने कहा कि आनलाइन दवा बिक्री का सीधा असर पारंपरिक व्यापार पर पड़ रहा है। बिना डॉक्टर के पर्चे के धड़ल्ले से ऑनलाइन दवाएं युवाओं में नशे की प्रवृत्ति और गलत दवाओं के सेवन को बढ़ावा दे रही हैं। सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। कहा कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।


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