हरेला पर्व पर जानकी पाइल्स क्लीनिक(Janki Piles Clinic) के चिकित्सकों और कर्मचारियों ने किया पौधारोपण

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गंभीर गुदा रोगों के आधुनिक उपचार के साथ-साथ सामाजिक व पर्यावरणीय जागरूकता के लिए आगे आया क्लीनिक

देहरादून। उत्तराखंड के पारंपरिक लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर राजधानी देहरादून स्थित जानकी पाइल्स क्लीनिक में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ पर्यावरण उत्सव मनाया गया। इस दौरान क्लीनिक के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण किया और समाज को पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से न केवल अधिक से अधिक पौधे लगाने, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करने की भी अपील की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्लीनिक के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डॉक्टर सौरभ गौड़ ने पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा: “हरेला केवल एक पारंपरिक लोकपर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी गहरी आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। एक स्वस्थ समाज की कल्पना केवल एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण में ही की जा सकती है। इसलिए, हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके बड़े होने तक उसका संरक्षण करने का संकल्प ले।”

डॉ. गौड़ ने क्लीनिक की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि जानकी पाइल्स क्लीनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता फैलाने के लिए भी निरंतर प्रयासरत रहता है।

  • आधुनिक उपचार सुविधा: क्लीनिक में बवासीर (पाइल्स), भगंदर (फिस्टुला), फिशर एवं अन्य गुदा रोगों का अत्याधुनिक और अत्यंत प्रभावी उपचार उपलब्ध है।

  • जागरूकता अभियान: चिकित्सा सेवाओं के समानांतर, संस्थान का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना है।

  • बवासीर होने के लक्षण

  • गुदा के आस-पास कठोर गांठ जैसी महसूस होती है। इसमें दर्द रहता है, तथा खून भी आ सकता है।
  • शौच के बाद भी पेट साफ ना हेने का आभास होना।
  • शौच के वक्त जलन के साथ लाल चमकदार खून का आना।
  • शौच के वक्त अत्यधिक पीड़ा होना।
  • गुदा के आस-पास खुजली, एवं लालीपन, व सूजन रहना।
  • शौच के वक्त म्यूकस का आना।
  • बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना, लेकिन त्यागते समय मल न निकलना।

इन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरंदाज ना करें। जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाकर पाइल्स का इलाज  कराएं।

  • कार्यक्रम के समापन पर क्लीनिक के समस्त स्टाफ और चिकित्सकों ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सभी कर्मचारियों ने पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने एक सुर में कहा कि वे ‘स्वच्छ, हरित और स्वस्थ उत्तराखंड’ के निर्माण में अपनी सक्रिय और निरंतर भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।