सीएसआर के तहत दिये कंप्यूटर, इन्वर्टर, फर्नीचर, स्टील अलमारी, साउंड सिस्टम, संगीत वाद्य यंत्र, फोल्डिंग बैंड और रजाई गद्दे
देहरादून, सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी ऊर्जा कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण के साथ स्वच्छता के क्षेत्र में सकारात्मक सहयोग कर रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में ओएनजीसी ने गैर-सरकारी संस्था गंगा फाउंडेशन के सहयोग से उत्तराखंड बाल कल्याण परिषद के द्वारा संचालित बाल भवन रायपुर देहरादून को भोतिक सुविधाएं हेतु 8 कंप्यूटर प्रिंटर एवं फर्नीचर, 8 स्टील अलमारियां, साउंड सिस्टम, संगीत वाद्ययंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र, रजाई गद्दे, फोल्डिंग बैंड, 2 स्टील के बक्से, इन्वर्टर, प्रोजेक्टर एवं कार्यालय फर्नीचर उपलब्ध कराया है।
बाल भवन परिसर में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान उपरोक्त सामग्री ओएनजीसी के महाप्रबंधक(आईआर) पवन कुमार सैनी और गंगा फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय सिंह द्वारा क्षेत्रीय पार्षद प्रशांत डोभाल की उपस्थिति में बाल भवन की महासचिव श्रीमती आशा पैन्यूली, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश बाबला, उपाध्यक्ष मोहन खत्री, कार्यालय सहायक वाई. एस. रावत को सौंपी गई।
कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े ओएनजीसी के प्रधान मानव संसाधन सेवाएं नीरज कुमार शर्मा, इंचार्ज सीएसआर विशाल शर्मा ने कहा कि ओएनजीसी उत्तराखंड में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य के साथ साथ जनहितार्थ कार्यों में सकारात्मक भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) उत्तराखंड़ विनोद सिमल्टी ने ओएनजीसी की इस पहल का स्वागत किया, उन्होंने कहा कि शिक्षा से वंचित बच्चों को बाल भवन के माध्यम से मुख्यधारा में लाने का यह प्रयास सराहनीय है और ओएनजीसी ने भोतिक संसाधन उपलब्ध करा कर सकारात्मक कार्य किया। इस मौके पर महाप्रबंधक(आईआर) पवन कुमार सैनी ने कहा कि ओएनजीसी ने वर्ष 2003 में 75 लाख की लागत बाल भवन का निर्माण कराया ताकि राज्य के नौनिहालों को अच्छी शिक्षा के साथ व्यवहारिक ज्ञान भी मिल सके, जिसमें बाल भवन अपने उद्देश्य को सफलता पूर्वक आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर पार्षद प्रशांत डोभाल ने कहा कि ओएनजीसी सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य कर रही है, इसी के परिपेक्ष में बाल भवन को दी गयी यह सामग्री समावेशी शिक्षा के लिए अनुकरणीय है । बाल भवन की महासचिव श्रीमती आशा पैन्यूली ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ओएनजीसी की यह मदद से बच्चों को शिक्षा में सार्थकता के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
इस मौके पर पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पर्यावरणविद् जगदीश बाबला ने ओएनजीसी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाल भवन को मिली इन सामग्री से गरीब और निर्धन छात्र-छात्रों के सर्वागीण विकास के साथ पठन-पाठन के स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा। इस अवसर पर ओएनजीसियन एल. मोहन लखेड़ा ने उपस्थित बच्चों को ऊर्जा क्षेत्र व ओएनजीसी की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन बाल भवन की संयुक्त सचिव श्रीमती ज्योत्स्ना खत्री ने किया।
इस अवसर पर गंगा फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष अजय सिंह, जगदीश बाबला, सौरभ ढौंडियाल, जगदीश रावत, वाई एस रावत, मोहन खत्री, एल मोहन लखेड़ा, पार्षद प्रशांत डोभाल, ए.एम. सेमवाल, किरन खंडूड़ी, कविता दत्ता, विजयलक्ष्मी रावत, सुषमा आर्य, शगुफ्ता परवीन, रमेश खत्री आदि मौजूद रहे।


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