ऋषिकेश उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल ऋषिकेश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स) के कारण आम जनता को हो रही दिक्कतों को लेकर नगर निगम सख्त रुख अपना रहा है। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत सीवर लाइन बिछाने के बाद खुदी पड़ी सड़कों और उत्पन्न हो रही नागरिक समस्याओं को लेकर सोमवार को निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बापूग्राम स्थित नगर निगम शाखा कार्यालय में आयोजित इस बैठक में स्थानीय पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की सीवर और खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। पार्षदों का आरोप था कि कार्यदायी संस्थाएं सीवर लाइन डालने के बाद सड़कों को उनके हाल पर छोड़ दे रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेयर शंभू पासवान ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कार्यप्रणाली में सुधार के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के नाम पर जनता को लंबे समय तक परेशान नहीं किया जा सकता।
मेयर शंभू पासवान ने बैठक में कहा: > “सीवर लाइन डालने के तुरंत बाद सड़कों को बदहाल छोड़ने की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभाग और ठेकेदार सड़कों का अविलंब और गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण (Reconstruction) सुनिश्चित करें, ताकि स्थानीय निवासियों और राहगीरों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।”
बैठक के मुख्य बिंदु और निर्णय:
त्वरित कार्रवाई: सीवर कार्य पूरा होते ही बिना किसी देरी के सड़क मरम्मत का कार्य शुरू किया जाए।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए औचक निरीक्षण किए जाएंगे।
समन्वय (Coordination): सीवर प्रोजेक्ट से जुड़े विभागों और नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के निर्देश दिए गए ताकि सड़कों को बार-बार खोदने की नौबत न आए।
धार्मिक पर्यटन का केंद्र होने के कारण ऋषिकेश में देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में सड़कों की यह बदहाली शहर की छवि को भी प्रभावित कर रही थी, जिसके बाद प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है।



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