“केदार घाटी के बीरों देवल में मां चंडिका महावन्याथ में पहुंचे मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड की धार्मिक सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प दोहराया।इस दौरान उन्होंने अपनी व केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुये कहा कि वर्ष 2014 के बाद मोदी जी के नेतृत्व में देश ने विश्व पटल पर अलग ही पहचान बनाई है। क्षेत्रीय विकास के लिये मुख्यमंत्री द्वारा सीधे कोई घोषणा न करने से स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधि मायूस दिखे”
(देवेन्द्र चमोली)
रुद्रप्रयाग- विकासखंड अगस्त्यमुनि के ग्राम बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में आज प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहुंचकर पूजा अर्चना की व छैत्र व प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की। इस अवसर पर उनके सामने छैत्रीय विधायक आशा नौटियाल ने घोषणाओं का मांग पत्र रखा लेकिन मुख्यमंत्री ने मांगों का परीक्षण कर उचित निर्णय लेने की बात कही जिससे स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधियों में मायूसी देखने को मिली।
आज सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारघाटी के वीरों देवल में चल रही मां चंडिका बन्याथ कार्यक्रम में पहुंचकर मां चंडिका का आशीर्वाद लिया। अपराह्न लगभग 2 बजे महायज्ञ में पहुंचे मुख्यमंत्री ने हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं व स्थानीय जनता को संबोधित किया इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देशों पर उत्तराखण्ड लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले देश की छबि “दब्बू भारत पिछलगू भारत “की थी लेकिन वर्ष 2014 के बाद मोदी जी के नेतृत्व में देश ने विश्व पटल पर अलग ही पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उत्तराखण्ड की धार्मिक सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिये प्रतिवद्ध है। इससे पूर्व मंदिर समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उनका माल्यार्पण कर अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का अभिवादन करते हुए कहा कि इस महायज्ञ में सम्मिलित होकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मां चंडिका से सभी की कुशलता तथा उत्तराखंड राज्य की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल को धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगम का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि धार्मिक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे कालनेमियों का पर्दाफाश करने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी देवस्थान पर जाना मात्र संयोग नहीं होता, बल्कि इसे ईश्वरीय आह्वान और आशीर्वाद के रूप में देखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।उन्होंने वर्तमान समय को सांस्कृतिक, सामाजिक उत्थान की दृष्टि से स्वर्णिम काल बताते हुए कहा कि भारत को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति को विशेष सम्मान प्राप्त हो रहा है।
वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ मंदिर में हुए व्यापक पुनर्निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज ‘दिव्य एवं भव्य केदार’ का स्वरूप सभी के सामने है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार धार्मिक आयोजनों की सफलता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-निरोधक प्रावधानों सहित विभिन्न सख्त कानूनी उपाय लागू किए गए हैं। राज्यभर में 12 हजार से अधिक भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है, जिसे उन्होंने देवभूमि की पवित्रता की रक्षा का अभियान बताया।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड समूचे राष्ट्र में (समान नागरिक संहिता) समान कानून लागू करने वाला अग्रणी राज्य बनकर उभरा है और राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास तथा सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच छैत्रीय विधायक व स्थानीय लोग छैत्र के विकास के लिये काफी आशान्वित थे लेकिन मुख्यमंत्री ने केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल द्वारा मां चंडिका मंदिर प्रांगण एवं मंदिर समूह का पुरातत्व विभाग के माध्यम से पुनर्निर्माण कराना,तहसील बसुकेदार में नवीन तहसील भवन निर्माण की घोषणा,लाटा बाबा विद्यालय को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने, सहित कई विन्दुओं पर मांग पत्र सौंपा गया लेकिन मुख्यमंत्री ने परीक्षण कर कार्यवाही करने की बात कही। छैत्र के लिये घोषणायें न होने से स्थानीय जनता में मायूसी देखने को मिली।
इससे पूर्व विधायक केदारनाथ श्रीमती आशा नौटियाल व विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी ने भी जनता को संबोधित किया।
चंडिका बन्याथ देवरा यात्रा समिति के अध्यक्ष डा.आशुतोष भंडारी ने बताया कि बीरों देवल में 15 फरवरी से 9 दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। 22 फरवरी 2026 को विशाल जलयात्रा आयोजित होगी तथा 24 फरवरी 2026 को पूर्णाहुति के साथ यह महावन्याथ यात्रा सम्पन्न होगी और मां अपने दिव्य स्थल पर विराजमान होंगी।
कार्यक्रम में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, उपाध्यक्ष रितु नेगी, ब्लॉक प्रमुख अगस्त्यमुनि भुवनेश्वरी देवी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, महायज्ञ समिति अध्यक्ष डॉ. आशुतोष भंडारी, महासचिव मदन मोहन डिमरी पूर्व जिलाधयझ वाचस्पति सेमवाल, अरुण चमोली, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, उप वन संरक्षक रजत सुमन, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



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