Friday, April 24, 2026
HomeStatesUttarakhandवनाग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक अभ्यास आयोजित, विभिन्न एजेंसियों ने किया समन्वित...

वनाग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक अभ्यास आयोजित, विभिन्न एजेंसियों ने किया समन्वित रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन

रुद्रप्रयाग – फॉरेस्ट फायर सीजन के दृष्टिगत जनपद रुद्रप्रयाग में आज जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के दिशा-निर्देशों पर वन अग्नि सुरक्षा एवं प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु मॉक अभ्यास (Mock Drill) का आयोजन किया गया। अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करना, त्वरित सूचना संप्रेषण प्रणाली का परीक्षण करना तथा आपदा की स्थिति में प्रभावी रिस्पॉन्स सुनिश्चित करना था।
मॉक अभ्यास के अंतर्गत आज दिनांक 18.02.2026 को समय अपराह्न 12:52 बजे वन क्षेत्राधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा दूरभाष के माध्यम से सूचना दी गई कि रुद्रप्रयाग के धनपुर 11 क्षेत्र में वनाग्नि की घटना घटित हुई है। वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंच चुकी है, किन्तु आग अधिक फैलने के कारण अतिरिक्त रेस्क्यू टीमों की आवश्यकता है।
सूचना प्राप्त होते ही जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र, रुद्रप्रयाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, अग्निशमन विभाग तथा 108 एम्बुलेंस सेवा को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। सभी टीमों ने निर्धारित समय में मौके पर पहुंचकर समन्वित रूप से राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया।

मॉक अभ्यास के दौरान परिदृश्य के अनुसार एक अग्निशमन कर्मी के घायल होने की स्थिति दर्शाई गई। रेस्क्यू टीम द्वारा घायल कर्मी को सुरक्षित तरीके से स्ट्रेचर के माध्यम से मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया तथा 108 एम्बुलेंस के जरिए उपचार हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया। इस अभ्यास के माध्यम से आपात स्थिति में मेडिकल रिस्पॉन्स की तत्परता का भी परीक्षण किया गया।

डीडीआरएफ टीम द्वारा अपराह्न 01:12 बजे आग पर पूर्णतः काबू पा लेने की सूचना दी गई। इस प्रकार लगभग 20 मिनट के भीतर संयुक्त प्रयासों से स्थिति को नियंत्रित करने का सफल प्रदर्शन किया गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि फॉरेस्ट फायर सीजन के दौरान निरंतर सतर्कता बनाए रखें, संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा जनजागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को वनाग्नि से बचाव एवं रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान एवं प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम ही किसी भी आपदा की स्थिति में जनहानि एवं वन संपदा की क्षति को न्यूनतम करने में सहायक सिद्ध होती है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments