कांतारा में गाने वराह रूपम की हुई वापसी, बैन हटने के बाद दर्शकों ने जताई खुशी

मुम्बई, ऋषभ शेट्टी की फिल्म कांतारा सिनेमाघरों में धमाल मचाने के बाद कुछ समय पहले ही ओटीटी पर रिलीज हुई है। हालांकि, दर्शक फिल्म में इसका गाना वराह रूपम न होने की वजह से थोड़े असंतुष्ट थे। दर्शकों के लिए अब खुशी का मौका है। कोर्ट ने वराह रूपम से बैन हटा लिया है और गाना फिल्म में वापस शामिल कर दिया गया है। इसे लेकर फिल्म के निर्माताओं के साथ-साथ दर्शक भी बेहद खुश हैं।

अक्टूबर में कोझिकोड की अदालत ने वराह रूपम को सिनेमाघरों समेत सभी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया था। केरल के बैंड थाइकुडम ब्रिज ने फिल्म के खिलाफ कॉपिराइट उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। बैंड के मुताबिक वराह रूपम और उनके गाने नवरसम में काफी समानता है। बैंड का गाना नवरसम 2015 में रिलीज हुआ था। इसपर निर्माताओं ने दलील दी थी कि दोनों गाने एक ही राग के हैं इसलिए समान लगते हैं।

ऋषभ शेट्टी ने ट्विटर पर गाने की वापसी को लेकर खुशी जाहिर की। सिर्फ निर्माता ही नहीं, दर्शक भी इसकी वापसी से खुश हैं। कुछ दर्शकों का तो यहां तक मानना है कि यह गाना ही फिल्म की आत्मा है। इसके बिना फिल्म अधूरी है। एक यूजर ने लिखा, यह गाना किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। वहीं, एक अन्य प्रशंसक ने लिखा कि इस गाने को सुनकर उनके रोंगटे खड़े हो गए।

कांतारा दर्शकों के साथ क्रिटिक्स को भी काफी पसंद आई थी। फिल्म को दुनियाभर में बड़ी संख्या में दर्शक मिले थे। फिल्म ने दुनियाभर में 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी। इसी के साथ कांतारा केजीएफ: चैप्टर 2 के बाद यह आंकड़ा छूने वाली दूसरी कन्नड़ फिल्म बन गई। कमाई के मामले में कर्नाटक में केजीएफ: चैप्टर 2 को पीछे छोड़ दिया। कर्नाटक में फिल्म ने करीब 168 करोड़ रुपये की कमाई की।

यह फिल्म कन्नड़ में 30 सितंबर को रिलीज हुई थी। इसे हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम में 14 अक्टूबर को रिलीज किया गया था। कांतारा का प्लॉट 1847 पर आधारित है। फिल्म मानव और प्रकृति के टकराव की कहानी है। फिल्म में कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों का एक काल्पनिक गांव दिखाया गया है। फिल्म में ऋषभ शेट्टी मुख्य भूमिका में नजर आए हैं। यह फिल्म आईएमडीबी पर सबसे ज्यादा रेटिंग वाली भारतीय फिल्मों में से एक है।