देहरादून, सुर लहर संगीत संस्थान के द्वारा ख्याति प्राप्त तबला मैस्ट्रो पं. अनूप घोष के निर्देशन में आयोजित तबला कार्यशाला का मंगलवार को समापन हो गया। कार्यशाला के समापन पर एफआईआर के जाने-माने सितार वादक पं. रोबिन करमाकर का सितार-वादन एवं पं. अनूप घोष की श्रेष्ठ जुगलबंदी से दर्शक भावविभोर हो गये। दो दिवसीय इस कार्यशाला में पं. अनूप घोष देश के ख्याति प्राप्त तबला वादक हैं, आपके द्वारा स्कॉलर विद्यार्थियों के लिए तबला वादन एवं तबले की विशेषताओं पर विभिन्न ताल, मात्राओं की विस्तार से व्याख्या पूर्ण पुस्तकें भी लिखी गई हैं, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा आपको स्कॉलरशिप भी प्रदान की जाती है। सितार एवं तबला की प्रस्तुति से पूर्व कार्यशाला के प्रतिभागियों द्वारा कार्यशाला में सिखाए गए तालों जैसे तीन-ताल, झपताल, आदि की शानदार प्रस्तुति की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ पं. अनूप घोष, पं. रोबिन करमाकर, संस्थान के अध्यक्ष/प्रधानाचार्य उत्पल सामंत, कार्यक्रम संयोजक जगदीश बाबला द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। आमंत्रित कलाकारों को संस्थान की ओर से शॉल एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत एवं कार्यक्रम की समाप्ति पर स्मृति प्रतीक चिन्ह भेंट किये गये। प्रतिभागियों को भी प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये।
स्वागत संबोधन एवं संचालन जगदीश बाबला द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य उत्पल सामंत द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार एवं सुधीजन उपस्थित रहे।


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