कांवड़ मेले व अन्य मेलो पर होने वाली यातायात समस्या को लेकर बोले सिडकुल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष
हरिद्वार ( कुलभूषण ) : फार्मा के क्षेत्र में देश की कुल आपूर्ति का 22 से 23 प्रतिशत उत्तराखंड पूरा कर रहा है। इसमें भी इस 22 से 23 प्रतिशत आपूर्ति का 15 प्रतिशत हरिद्वार सिडकुल द्वारा पूरा किया जा रहा है। यह कहना है सिडकुल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन सिडकुल के सीनियर वाइस चेयरमैन व उडान आयुर्वेदिक औषधि निर्माण कम्पनी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा महेन्द्र आहूजा का उन्होने कहा कि हरिद्वार सिडकुल अपने स्थापना काल से ही लगातार प्रदेश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले कांवड़ मेले के दौरान सिडकुल क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के बारे में चर्चा करते हुए डा आहुजा ने कहा की इस दौरान हरिद्वार सिडकुल को प्रमुख रूप से यातायात व्यवस्था को लेकर भारी परेशानी का सामना करना पडता है। नगर की प्रमुख यातायात व्यवस्था अवरुद्ध होने के चलते सिडकुल स्थित विभिन्न फैक्ट्री में कच्चा माल लेकर आने वाले वाहनों तथा यहा से तैयार माल को लेकर जाने वाले वाहनों की आवाजाही रूकने के चलते फैक्टीयो के मालिको को भारी परेशानी का सामना करना पडता है। जिसके चलते लगभग एक सप्ताह से अधिक समय तक यह यातायात व्यवस्था अवरुद्ध रहती है जिसके चलते फैक्टीयो के मालिको को माल से भरे वाहनो का किराया अधिक देना पडता है। वही कई फैक्टीयो का प्रोडेकशन भी प्रभावित होता है।
उन्होने कहा की कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार सिडकुल स्थित लगभग 570 फैक्टीया इस व्यवस्था से प्रभावित होती है।
उन्होने कहा की एसोसिएशन लम्बे समय से वैकल्पिक मार्ग तैयार किये जाने की मांग को उठाती रही है। जिससे की प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले कांवड़ मेले व कुम्भ व अर्द्व कुम्भ मेले के दौरान लागू होने वाले यातायात प्लान का प्रभाव सिडकुल पर न पडे। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन दो से ढाई करोड़ का व्यापार प्रभावित होता है। यातायात व्यवस्था को लेकर उनका कहना है कि सिडकुल से बिहारी गढ वाले मार्ग को यदि देहरादून से दिल्ली जाने वाले बनाये गये नये राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड दिया जाये तो कावड मेले तथा अन्य मेलो के दौरान होने वाली यातायात व्यवस्था से बिना प्रभावित हुए सिडकुल की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहेगी। इससे जहां एक तरफ सिडकुल का कार्य प्रभावित नहीं होगा वही राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
उन्होंने कहा कि सिडकुल कीे औद्योगिक इकाइय जिला प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर कांवड़ मेला व अन्य मेलो को सम्पन्न कराने मे सहयोग करने के लिए हमेशा आगे रहती है। ऐसे मे प्रदेश सरकार को देहरादून दिल्ली मार्ग से सिडकुल हरिद्वार को जोड़ने की दिशा में पहल करते हुए इस दिशा में प्राथमिकता से कार्य करने की दिशा में पहल करनी चाहिए। जिससे की यातायात सम्बन्धित समस्या का स्थिाई समाधान हो सके।


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