Sunday, July 26, 2026
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क्षैतिज आरक्षण को लेकर आंदोलनकारियों की सरकार और प्रशासनिक तंत्र के प्रति नाराजगी

देहरादून, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त मंच के सदस्यों ने सोमवार को शहीद स्मारक पर आमसभा आयोजित कर अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रशासनिक तंत्र के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने आंदोलनकारियों के हित में प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया, लेकिन सचिवालय स्तर पर बैठे कुछ अधिकारी सरकार की मंशा को प्रभावी ढंग से लागू नहीं होने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर चुके पात्र अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति देने में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है और कई बार प्रतिवेदन देने के बावजूद नियुक्तियों की अंतिम स्वीकृति लंबित रखी जा रही है।आंदोलनकारियों ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई है कि उनकी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान किया जाए।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे 15 जून से धरना-प्रदर्शन शुरू करने को बाध्य होंगे। इसके साथ ही ज्ञापन की प्रति उत्तराखंड सम्मान परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष को भी व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई है। आंदोलनकारियों ने परिषद के माध्यम से मुख्यमंत्री के साथ शीघ्र वार्ता आयोजित कराने की मांग भी उठाई।
बैठक में श्रीमती सुनीता ठाकुर सहित अंबुज शर्मा, रामकिशन, नवनीत गोसाई, सुरेश कुमार, बिशंभर दत्त बौठियाल, नवीन भट्ट, चिंतन सकलानी, चमन सिंह, पुष्पलता वैश्य, राजदुलारी, कल्पेश्वरी नेगी, पारुल, विकास रावत, संजय रावत, प्रभात डंडरियाल और शांति शर्मा समेत अनेक आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

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