– जनरल विपिन रावत के परिवार से माफी मांगे राहुल गांधीः कर्नल कोठियाल
– चुनावी साल में राहुल गांधी को आई उत्तराखंड की याद
– सेना के शौर्य पर सवाल उठाने वाले राहुल गांधी उत्तराखंड के सैनिकों के सवालों का जवाब दें
देहरादून, उत्तराखंड़ राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद’ के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल (सेवानिवृत) (शौर्यचक्र, कीर्ति चक्र) ने आज उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 4-5 जून के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने राहुल गांधी पर सैनिकों के साथ संवाद की आड़ में सियासी रोटियां सेकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘सैनिक विरोधी पार्टी के युवराज राहुल गांधी का यह दौरा वीरभूमि उत्तराखंड की जनता के प्रति वास्तविक संवेदनशीलता जताने का नहीं, बल्कि आगामी चुनावों को देखते हुए की जा रही सियासी नौटंकी है।
कर्नल कोठियाल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान राहुल गांधी अनेक बार बैंकॉग, थाईलैंड, इटली से लेकर तमाम विदेश यात्राओं पर दिखाई दिए, लेकिन उत्तराखंड जैसे सैनिक बहुल और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत राज्य की ओर उन्होंने कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उत्तराखंड तभी आते हैं जब चुनाव आने वाले हों। उन्होंने कहा कि जब 2027 के विधानसभा चुनाव निकट आ रहे हैं, तब कांग्रेस नेतृत्व को अचानक उत्तराखंड और यहां के सैनिकों की याद आने लगी है।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते वर्षों में अनेक बार उत्तराखंड का दौरा कर राज्य के विकास, सैन्य गौरव और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है। इसके विपरीत कांग्रेस नेतृत्व ने बार-बार ऐसे बयान दिए हैं, जिनसे देश की सुरक्षा और सेना के मनोबल पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास हुआ।
कर्नल कोठियाल ने विशेष रूप से पौड़ी में सैनिकों के साथ प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि पौड़ी वीरभूमि है और देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत की जन्मभूमि भी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस से जुड़े नेताओं द्वारा अतीत में जनरल बिपिन रावत के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था, जिसे देश और उत्तराखंड आज भी नहीं भूला है। उन्होंने राहुल गांधी से मांग की कि यदि वे वास्तव में सैनिकों के सम्मान के लिए उत्तराखंड आ रहे हैं, तो उन्हें सबसे पहले जनरल बिपिन रावत के परिवार और देशवासियों से उस टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
कर्नल कोठियाल ने राहुल गांधी के उत्तराखंड के सैनिकों के साथ संवाद कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए कहा, “ये वही राहुल गांधी हैं जिन्होंने भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तानी आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक समेत तमाम सैन्य अभियानों पर सवाल उठाते हुए सेना से सबूत मांगे थे। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अनेक मुद्दों पर लगातार सवाल उठाकर वे विदेशों में भी सेना के पराक्रम को बदनाम करते रहे हैं, और अब यही सैनिक विरोधी युवराज उत्तराखंड आकर देवभूमि के सैनिकों से संवाद करने का नाटक कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि देश की सेना जब भी दुश्मनों को करारा जवाब देती है, कांग्रेस नेतृत्व उसके प्रमाण और औचित्य पर प्रश्न खड़े करता दिखाई देता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के अनेक बयानों का उपयोग पाकिस्तान की मीडिया और भारत विरोधी तत्व अपने प्रचार में करते रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर उसकी वास्तविक सोच क्या है।
कर्नल कोठियाल ने कहा कि, राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालों पर वे चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में सैनिकों को अच्छे जूते और बुलेटप्रूफ जैकेट तक नहीं मिल पाते थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस राज के दौरान सैनिकों के कल्याण, आधुनिक हथियारों, बुलेटप्रूफ जैकेट, सैन्य साजो-सामान और सीमावर्ती सुरक्षा के विषय में किए गए अक्षम्य अपराधों को लेकर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता और पूर्व सैनिक कांग्रेस के षडयंत्रों से अच्छी तरह वाकिफ हैं तथा केवल चुनावी मौसम में दिखाई देने वाली सियासी चाल को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को सैनिकों के नाम पर सियासत करने के बजाय अपनी पार्टी के भीतर चल रही आपसी खींचतान पर ध्यान देना चाहिए।



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