देहरादून, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने अधिनस्थ सेवा चयन आयोग घपले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा की सरकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष, सचिव पर भी तत्काल कार्रवाई करे। एसटीएफ इनसे सीधी पूछताछ करे। विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि आयोग ने 16 एजेंसी में से आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन का ही चयन किया। उस एजेंसी का करार समाप्त होने के बाद भी उससे काम लिया जाता रहा। आज तक भी उस कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। एक परीक्षा के पेपर तो आयोग की प्रेस से ही छपे। वो भी लीक हो गए। इसके बाद भी अध्यक्ष, सचिव के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। सरकार बताए की मुख्य आरोपी हाकम सिंह के खिलाफ दर्ज हुई पहली एफआईआर में किसके इशारे पर फाइनल रिपोर्ट लगाई गई। इस पूरे मामले में सीबीआई जांच कराई जाए और जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में हो।
यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले में सरकार के खिलाफ एनएसयूआई ने किया प्रदर्शन
देहरादून, यूकेएसएसएससी में हुई भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को डीएवी कालेज के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाते हुए भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग की।
एनएसयूआई कार्यकर्ता दोपहर में राष्ट्रीय संयोजक विकास नेगी के नेतृत्व में कालेज में एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कालेज से बाहर आए। विकास नेगी ने कहा है कि कांग्रेस उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में धांधली लगातार सामने आ रही है। ऐसे में आयोग की सारी भर्तियों की सीबीआई जांच हो। क्योंकि राज्य सरकार की एजेंसियां सिर्फ छोटे आरोपियों को पकड़कर मामला दबाने में लगी हैं। जबकि बड़े सफेदपोश व रसूखदार बचे हुए हैं। उनको पकड़ने व निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जरूरी है। उन्होनें आरोप लगाया कि कांग्रेस व उससे जुड़े संगठन लगातार धांधली की बात कह रहे थे, लेकिन सरकार ने कभी जांच नहीं करवाई। उन्होनें सचिवालय,विस व अन्य विभागों में बैक डोर से हुई भर्तियों की भी जांच की मांग की। प्रदर्शन में पूर्व महासंघ महासचिव अंजलि चमोली, प्रकाश नेगी, राहुल जग्गी, नमन शर्मा, भाव्या, अमित जोशी, अनंत सैनी, प्रदीप बिजल्वाण, शीशपाल राणा, गौरव, अंकित हर्षित बोरा, अभिषेक अंकित, जैनिस, सागर आदि लोग मौजूद रहे।





