देहरादून, उत्तराखंड के चमोली जनपद में जोराशी–तोणजी सड़क निर्माण में एनपीसीसी पर बड़ा घोटाले का आरोप लगा है। उत्तर जोन प्रभारी मोहम्मद मनसब ने यह काम बुलंदशहर के विवादित ठेकेदार धर्मेंद्र चौधरी को सौंपा, जिसने लोकल ठेकेदार अनिल रावत से काम कराया।
स्थानीय प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुये उत्तराखण्ड़ रक्षा अभियान के संयोजक हरिकिशन किमोठी ने कहा कि अनिल रावत ने ढाई साल काम किया, पर न पैसा मिला न पहचान। सड़क हादसे में घायल अनिल इलाज तक को मोहताज है। परिजन जब भुगतान मांगने पहुंचे तो उनके साथ अभद्रता और धमकी मिली।
वहीं पत्रकारों के समक्ष पीड़ित परिवार का आरोप है कि विभाग और एनपीसीसी मिली भगत से बाहर के लोगों को लाभ दे रहे हैं, जबकि स्थानीय ठेकेदारों को धोखा दिया जा रहा है। सड़क की गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई। पत्रकारों से रूबरू होते हुये ब्रह्मचारी हरि किशन किमोठी व किसान नेता सुरेंद्र शर्मा ने माफिया गठजोड़ पर सख्त कार्रवाई, एनपीसीसी के बहिष्कार और दोषियों पर गुंडा एक्ट लगाने की मांग की है। उन्होंने अनिल रावत को न्याय दिलाने की मांग सरकार से की, किमोठी ने सीएम धामी से आग्रह किया कि उक्त पीड़ित ठेकेदार अनिल रावत जैसे सैकड़ों लोगों के लिये ठोस कदम उठाये जाने चाहिये, ताकि धोखाधड़ी और माफिया परस्त सिस्टम पर अंकुश लग सके l




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