आतंक पर प्रहार: घाटी में एनआईए का 11 ठिकानों पर छापा, चार आतंकी मददगार गिरफ्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को आतंकी साजिश रचने के मामलों में कश्मीर घाटी के चार जिलो में 11 ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान आतंकियों के चार मददगारों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां विभिन्न आतंकी संगठनों द्वारा जम्मू-कश्मीर, दिल्ली समेत देश के अन्य प्रमुख शहरों में हिंसक आतंकवादी वारदातों को अंजाम देने की साजिश से जुड़ी हुई हैं। एनआईए ने 10 अक्तूबर को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में अब तक 9 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।

बुधवार को गिरफ्तार लोगों की शिनाख्त कुलगाम निवासी सुहैल अहमद ठोकर, श्रीनगर के हजरतबल निवासी कामरान अशरफ रेशी, श्रीनगर निवासी रयद बशीर तथा श्रीनगर निवासी हनान गुलज़ार डार शामिल हैं। पकड़े गए सभीआरोपी आतंकियों को हर प्रकार की मदद करते थे। कार्रवाई के दौरान एनआईए टीम ने कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। एनआईए की विभिन्न टीमों ने ये कार्रवाई सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर कुलगाम, श्रीनगर, बारामुला और पुलवामा जिलों में की। मामले की जांच अभी जारी है।

जानकारी के अनुसार, एनआईए की टीमों ने बुधवार को श्रीनगर के हमदानिया कॉलोनी छानपोरा के निवासी फहद अली वानी और गवर्नमेंट हाउसिंग कॉलोनी बाग-ए-मेहताब स्थित फुरकान इमरान खान के घर में छापेमारी की। सूत्रों ने बताया कि तिब्बतियन कॉलोनी ईदगाह निवासी राशिद अहमद भट के घर पर भी दबिश देकर तलाशी ली गई। जिन 11 ठिकानों पर कार्रवाई की गई है उनमें चार श्रीनगर में, दो बारामुला, दो अवंतिपोरा, एक पुलवामा, एक सोपोर और एक कुलगाम में है।

बता दें कि एनआईए की ओर से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और नई दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों में आतंकी हमले करने के लिए विभिन्न आतंकी समूहों की रची गई साजिश का खुलासा करने के लिए एक मामला दर्ज किया है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 13 अक्तूबर को 16 स्थानों पर छापेमारी की थी और इस दौरान चार आतंकी समर्थकों वसीम अहमद सोफी निवासी छत्ताबल श्रीनगर, तारिक अहमद डार निवासी शेरगढ़ी श्रीनगर, बिलाल अहमद मीर उर्फ बिलाल फूफू निवासी परिमपोरा श्रीनगर और तारिक अहमद बाफंडा निवासी राजौरी कदल ं को गिरफ्तार किया था।

साजिश में विभिन्न आतंकी संगठन शामिल
बताया जाता है प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम), अलबद्र और इसी तरह के अन्य संगठन और उनके सहयोगी जैसे द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) और पीपुल्स अगेंस्ट फासिस्ट फोर्सेज (पीएएफएफ) के कैडर जम्मू-कश्मीर और नई दिल्ली सहित देश के अन्य प्रमुख शहरों में हिंसक आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए साजिश रचने से संबंधित है।