नई दिल्ली,(आरएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर त्यागराज स्टेडियम में एक समारोह के दौरान दिल्ली सरकार के सेवा पखवाड़ा के शुभारंभ के अवसर पर 15 प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे.
अधिकारी ने बताया कि शुरू की जाने वाली परियोजनाओं में दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए अटल दृष्टि बालिका छात्रावास, बौद्धिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए अटल आशा गृह और सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह शामिल हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार न केवल राजधानी को विकसित दिल्ली में बदलने के लिए तेजी से काम कर रही है, बल्कि समाज के उन वर्गों के लिए भी परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर रही है, जिन्हें पिछली सरकारों ने नजरअंदाज किया था.
सीएम गुप्ता ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है. इस विशेष अवसर पर उनकी सरकार ने उस दिन से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया है. इस दौरान दिल्ली सरकार करोड़ों रुपये की 75 परियोजनाओं का शुभारंभ करेगी. इससे शहर के विकास में तेजी आएगी, जनसुविधाएँ बढ़ेंगी और राजधानी को विकसित दिल्ली बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा.
दिल्ली विश्वविद्यालय के निकट तिमारपुर में बना नया अटल दृष्टि गर्ल्स हॉस्टल, राजधानी में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए एक अनूठी पहल है. सीएम गुप्ता ने कहा कि यह दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में एक कदम होगा. 13.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, यह हॉस्टल 3,703.43 वर्ग मीटर के भूखंड क्षेत्र में फैला है. इसका निर्मित क्षेत्रफल 975 वर्ग मीटर (भूतल और तीन मंजिल) है.
इसकी कुल क्षमता 96 छात्रों की है. बाहरी दिल्ली के नरेला में निर्मित अटल आशा होम, देश में बौद्धिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के लिए एक आदर्श सुविधा केंद्र है. 12500 वर्ग मीटर के भूखंड पर लगभग 40.60 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परिसर का निर्मित क्षेत्रफल 1719.55 वर्ग मीटर (भूतल और तीन मंजिल) है. इसमें 220 रिहायश की क्षमता है.
पश्चिम विहार में 10.64 करोड़ रुपये की लागत से सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह का निर्माण किया गया है. 2257 वर्ग मीटर के भूखंड पर निर्मित ये भवन चार मंजिला है. इस सुविधा में 96 निवासियों के रहने की क्षमता है.
यह गृह वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित, आरामदायक और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करेगा. इसमें चिकित्सा सुविधाएं, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ आवास, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियां उपलब्ध होंगी. मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि इस गृह का नाम भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के नाम पर रखा गया है. उन्होंने बाल विवाह और भेदभाव जैसी बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ीं और महिला शिक्षा के लिए संघर्ष किया.



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