देहरादून अखिल भारतीय केंद्रीय विद्यालय शिक्षक संघ द्वारा शिक्षक दिवस पर ऑनलाइन शिक्षा एवं उसके महत्व पर आयोजित विचार गोष्ठी में शिक्षकों ने अपने अपने विचार रखे! ऑनलाइन शिक्षा के महत्व को साकार मानते हुए सभी वक्ताओं ने इसे वर्तमान समय की जरूरत मानते हुए सावधानी पूर्वक इसके उपयोग का पक्ष रखा!
शिक्षकों ने कहा विषम दूरस्थ क्षेत्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा वरदान है और इसके लिए सरकार को यह प्रयास करना चाहिए कि गजट डेटा एवं नेटवर्क सभी के लिए मुफ्त एवं सुलभता से उपलब्ध करवाना चाहिए!
शिक्षकों ने कहा संसाधन ना होने के कारण कम बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं में जुड़ पाते हैं ,भविष्य ऑनलाईन कक्षाओं का है परंतु इसका प्रयोग सावधानी पूर्वक करना चाहिए क्योंकि इसके कारण बच्चा पढ़ने लिखने की कला भूल रहा है जिसके कारण ऑनलाइन शिक्षा हमें मानव से मशीन बना रही है जिसका असर मानवता पर पड़ रहा है!
कुछ वक्ताओं ने छोटे बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा से दूर रखने की पहल करते हुए कहा इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है और बच्चे की स्मरण शक्ति के साथ शारीरिक अंगों पर दुष्प्रभाव दिखाई दे रहा है !
शिक्षक दिवस पर विचार गोष्ठी का साथ साथ कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया जिसमें संजीव उपाध्याय, गोरी शंकर, परवीन कुमार, मनीष नौटियाल, आर के गुप्ता ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की!
ऑनलाइन कक्षाओं के महत्व पर अशोक वर्मा, घनश्याम गुप्ता , नबील अहमद, प्रदीप कुमार, प्रवीण प्रसादकांति, रवि कुमार, आर एस भंडारी, त्रिवेणी डिमरी, आर के गुप्ता, आदि ने अपने विचार रखे!
गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन के अंत में अखिल भारतीय केंद्रीय विद्यालय शिक्षक संघ के महासचिव डी एम लखेड़ा ने सभी का आभार व्यक्त किया!


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