पौड़ी (सिद्धांत) पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण के समीप गुलदार के हमले में चार वर्षीय मासूम आरुषि की मौत के बाद बुधवार को क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला। मासूम की दर्दनाक मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर शासन-प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर पूरी तरह से जाम लगा दिया और सड़क पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही बाधित रही और यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी पौड़ी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। वहीं वन विभाग को निशाने पर लेते हुए ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे गुलदार के हमलों पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ समय से क्षेत्र में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं लेकिन इसके बावजूद वन विभाग और शासन-प्रशासन की ओर से कोई ऐसी ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को इस भय से निजात मिल सके। ग्रामीणों ने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग अपने घरों के आंगन और आसपास के रास्तों पर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। छोटे बच्चों को घर से बाहर भेजने में अभिभावक डर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसीलदार पौड़ी राजेंद्र गोस्वामी और वन विभाग के एसडीओ आयशा बिष्ट को भी एक दुकान के अंदर बंद कर बंधक बनाया। वहीं मौके पर पहुंचे डीएफओ महातिम यादव के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उनके साथ भी बदसलूकी की गई। वहीं डीएफओ पौड़ी महातिम यादव ने बताया कि मंगलवार रात को हुई घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी। आज एक टीम लगातार गस्त कर रही है साथ ही ट्रेप कैमरे और पिंजरा भी लगाया गया है। एक शूटर की टीम मौके पर है जो कि गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने और अंतिम विकल्प के रूप में नष्ट करने के आदेश प्राप्त हो गए है।





