Thursday, July 16, 2026
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2017 से अब तक 89 परीक्षा के पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी: कांग्रेस

देहरादून।   जिला कांग्रेस कमेटी ने शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षाओं के निरस्तीकरण, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। कहा कि 2017 से अब तक 89 परीक्षा के पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी है। बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। डॉ प्रतिमा सिंह ने कहा कि 2017 से अब तक भाजपा सरकार एक भी पेपर ऐसा नहीं करा पाई जिसमें धांधली ना हुई हो।
आरोप लगाया कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड उत्तराखंड में सरकार की कमजोर पैरवी की वजह से रिहा हो गया। कहा कि मास्टरमाइंड के रिहा होते ही एक पेपर और लीक हो जाता है लेकिन भाजपा सरकार नहीं चाहती कि असली गुनहगार सामने आए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के कोटा दौरे से कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई जिसमे सबसे चौंकाने वाली बात ये हैं की सरकार का शिक्षा बजट से तीन गुना खर्च कोटा में लाखों छात्र महज पांच परीक्षाओं की तैयारी में खर्च कर रहे हैं। कहा कि एनटीए का गठन 2017 में हुआ था तब से लेकर अब तक 89 परीक्षा के पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी है।कहा कि 49 पेपर्स दुबारा कराए गए हैं जिससे बच्चों का मनोबल गिरा है। महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि युवा गहरे संकट से गुजर रहा है। वर्षों की मेहनत और सपनों के सहारे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र बार-बार प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और भर्ती प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब के कारण मानसिक तनाव, असुरक्षा और निराशा से जूझ रहा है। कहा कि नकल माफिया और भ्रष्टाचार के कारण युवाओं का सरकारी नौकरियों और परीक्षा प्रणाली से विश्वास उठ रहा है। उत्तराखंड में भी भर्ती घोटालों और पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। कहा कि दून की होनहार छात्रा की आत्महत्या समाज को झकझोर देने वाली घटना है। प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी ने कहा कि नकल माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाए। लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।

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