देहरादून, विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर संयुक्त नागरिक संगठन की ओर से जीने का अधिकार बनाम सार्वजनिक जीवन में व्याप्त व्यवस्थागत समस्याएं और इनका निराकरण विषय पर संवाद का आयोजन रेसकोर्स में किया गया।अध्यक्षता पंजाब एंड सिंध बैंक सेवानिवृत्ति संगठन के अध्यक्ष खुशवीर सिंह ने की।संचालन संगठन सचिव अवधेश शर्मा ने किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने राजधानी दून में वाहनों से बढ़ते प्रदूषण से उत्पन्न आम जन के स्वास्थ्य को उत्पन्न खतरों,सड़कों के फुटपाथ पर होते अतिक्रमण के शिकार पैदल यात्रियों के मानसिक उत्पीड़न,विकास के नाम पर वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास जंगलों की सफाई से होते पर्यावरणीय नुकसान,मानव वन्य जीव संघर्ष के बुनियादी कारणों की अनदेखी आदि विषयों पर विचार व्यक्त करते हुए इन्हें सामाजिक अन्याय,शोषण उत्पीड़न का प्रतीक बताया।
वक्ताओं का कहना था कि जब तक आम नागरिक की जिंदगी शारीरिक,आर्थिक, मानसिक रूप से शोषण उत्पीड़न अत्याचार से प्रभावित है तब तक सामाजिक न्याय की अवधारणा दूर की कौड़ी है। वक्ताओं ने भ्रष्टाचार और लालच, आर्थिक असमानता और गरीबी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव,पर्यावरण प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों का दुरुपयोग को व्यवस्थागत अन्याय का बुनियादी कारण भी बताया।
संवाद में निष्कर्ष था कि भ्रष्टाचार और लालच के खिलाफ लड़ाई, आर्थिक असमानता को कम करने के लिए काम करना,शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव को समाप्त करना, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए काम करना भी सामाजिक न्याय को पाने की दिशा मे सार्थक कदम साबित हो सकता है।
वक्ताओं में धाद के मेजर एमएस रावत, सोसाइटी ऑफ मिशन 4जी प्लस के डॉ. राकेश डंगवाल, रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी के दिनेश भंडारी, संसदे के गिरीशचंद्र भट्ट, दून सिटीजन कौंसिल के जगमोहन मेंदीरत्ता, पर्यावरणविद् अवधेश शर्मा, रेड क्रॉस सोसाइटी के मोहन सिंह खत्री, संयुक्त नागरिक संगठन के सुशील त्यागी समाजसेवी अर्जुन कोहली,अजीत सिंह चौहान, दून रेजिडेंट वेलफेयर फ्रंट के अध्यक्ष देवेंद्र पाल मोंटी आदि शामिल थे।



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