चमोली। विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थली औली में शुक्रवार को राष्ट्रीय शीतकालीन खेल चैंपियनशिप और विंटर कार्निवल का सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज हुआ। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। प्रतियोगिता में पहले दिन हिमाचल के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। राष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में आईटीबीपी के जवानों ने स्कीइंग स्लोप पर डेमो दिखाया। इसके बाद लाता गांव के लोक कलाकारों ने मां नंदा की डोली के साथ ही राधारानी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। पांडवास ग्रुप की ओर से भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना और साहसिक संभावनाओं का अद्वितीय संगम है। औली की भौगौलिक संरचना और अनुकूल जलवायु इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए आदर्श स्थल बनाती है। कहा कि औली विंटर कार्निवल उत्तराखंड को वैश्विक मानचित्र पर सुदृढ़ पहचान दिलाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस दौरान पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह, ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, जिलाधिकारी गौरव कुमार, एमडी जीएमवीएन विशाल मिश्रा, एसपी सुरजीत सिंह पंवार, आईटीबीपी के आईजी अखिलेश रावत, विंटर गेम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास सहित गढ़वाल स्काउट के प्रतिनिधि व अन्य लोग मौजूद रहे।
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अप्रैल में होगा सूर्य देवभूमि चैलेंज ट्रेल का आयोजन
ज्योतिर्मठ/गोपेश्वर। शीतकालीन खेलों के उद्घाटन अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सीमांत क्षेत्रों में वर्ष 2026 के दौरान आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल में भारतीय सेना के सहयोग से सूर्य देवभूमि चैलेंज का आयोजन प्रस्तावित है। यह 91 किमी ट्रेल हेलंग से उर्गम-रुद्रनाथ-मंडल होते हुए ऊखीमठ तक आयोजित की जाएगी। आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन की सफलता के बाद 31 मई को चमोली की नीती घाटी से नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा दौड़ आयोजित होगी। इसमें रिमखिम-नीती-मलारी तक 75 किमी तथा नीती से मलारी तक 42 किमी अल्ट्रामैराथन शामिल है। प्रतियोगिता में विदेशी प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जून में भारतीय सेना के साथ बदरीनाथ एवं माणा में देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल के द्वितीय संस्करण का आयोजन होगा। साथ ही 80 के दशक में कुमाऊं और गढ़वाल के बीच आयोजित होने वाली प्रसिद्ध हिमालयन कार रैली को भी इस वर्ष पुनः शुरू करने की योजना है।मंत्री ने बताया कि औली रोपवे की मरम्मत के लिए तकनीकी टीम ज्योतिर्मठ पहुंच चुकी है। इस अवसर पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जीएमवीएन के महाप्रबंधक लक्ष्मी राज चौहान, निदेशक वित्त रोमिल चौधरी, राकेश रंजन भिलंगवाल, उपनिदेशक अमित लोहनी, एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ तथा साहसिक खेल अधिकारी सीमा नौटियाल उपस्थित रहे।
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