ऋषिकेश। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यमकेश्वर क्षेत्र का प्रसिद्ध गेंद मेला हमारी प्राचीन विरासत है। साथ ही पर्यटन एवं तीर्थाटन के विकास में मेलों की विशेष भूमिका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड पर्यटन तीर्थाटन प्रदेश बनने की राह पर अग्रसर है। खासकर शीतकाल में आयोजित गेंद मेला जैसे आयोजनों से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा ऐसे आयोजनों से पलायन भी रुकेगा। यह बातें उन्होंने मंगलवार को यमकेश्वर क्षेत्र के बड़ेथ में मकर संक्रांति के अवसर पर तीन दिवसीय गेंद मेले का शुभारंभ करने के दौरान कही। उन्होंने कहा कि मेले हमारे सांस्कृतिक परम्परा हमारी पहचान भी है इन मेलों के आयोजन से नयी पीढ़ी को अपनी विरासत से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने मेला समिति का भी आभार जताया। मेले के पहले दिन फूलदेई सांस्कृतिक संस्था की ओर से हेमा मैठाणी तथा अनुराग कांत ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन प्रस्तुत किये। मौके पर डॉ. सुनीता बौड़ाई, जिला पंचायत सदस्य प्रमिला बलूनी, जनार्दन प्रसाद बलूनी, अर्जुन सिंह नेगी, गेंद मेला समिति अध्यक्ष मधुसूदन बलूनी, सचिव रतन कंडवाल, अमन कुकरेती, पत्रकार हिमांशु बडोनी, अमित अमोली, हिमांशु कंडवाल, प्रधानाचार्य प्रदीप भट्ट, दिनेश कंडवाल आदि उपस्थित रहे। शीतकालीन यात्रा में पहुंचे 17000 से अधिक श्रद्धालु बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को नये वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए शीतकालीन यात्रा के लिए आमंत्रण दिया। कहा कि यात्रा वर्ष 2026के मद्देनजर बीकेटीसी यात्रा कार्ययोजनाएं बनाएगी। उन्होंने कहा कि अभी तक 17 हजार से अधिक श्रद्धालु श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम के शीतकालीन पूजा स्थलों में दर्शनार्थ पहुंच चुके हैं। 31 दिसंबर तक श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में 4452 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे। वहीं श्री योगबदरी पांडुकेश्वर में 467 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए। इसी तरह भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में 12430 तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर लिए हैं। इस तरह यह संख्या 17349 पहुंच गई है।



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