रुद्रप्रयाग – आज रुद्रनाथ महोत्सव में गढ़वाली कवि सम्मेलन आकर्षण का का केन्द्र रहा। कवियों ने कविता पाठ कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
गुलाबराय, रुद्रप्रयाग में ‘कलश साहित्यिक संस्था’ के संयोजक- ओम प्रकाश सेमवाल जी के संयोजन में कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के जाने माने कवियों ने शिरकत की ओर अपने कांब्य पाठ से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
ओम प्रकाश सेमवाल ने ‘दु:ख मा सुख खोजणै ऋतु लैगे… गीत गाया, प्रख्यात कवि मुरली दीवान ने- कटी अब उकाळ भुला ब्वे का सौं.. बीना बेंजवाल ने- बेट्यूं तैं मैत बुलौंद पूस… गिरीश सुन्दरियाल ने- उच्चि डाँडी काँठ्यूं मा अटगणू च ह्यूंद…ओम बधाणी ने- कि भुला अब ज्वानी कु बसंत पैटण बैठीगे…
मोहन वशिष्ठ ने- भैजि जु सु आंदोलनों मा हर जगा सरीक रै… बृजेश रावत ने- जनम पत्रि कट्ठा कैरि-कैरी अलमरि पर चट्टा लगी… अश्विनी गौड़ ने- सरकार ब्वनी गुगल पे जी पे कैसलेस पे…और कुसुम भट्ट जी न- बेटि छौं ब्वारि छौं भारतै नारि छौं… रचनाएं पढ़कर दर्शकों की वाहवाही बटोरी।



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