Thursday, August 13, 2026
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वरिष्ठ साहित्यकार जगमोहन सिंह बिष्ट को मिला चिट्ठी सम्मान 2025

“वार्षिक पत्रिका ‘चिट्ठी-पत्री’ तथा गिरीश सुन्दरियाल व धर्मेन्द्र नेगी ‘धरम’ द्वारा लिखित गढ़वाली बाल नाटक संग्रह ‘ इस्कूलौ बाटु’ का भी हुआ लोकार्पण”

देहरादून, गंगा फार्म बालवाला देहरादून में हिमालयन लोक साहित्य एवं संस्कृति विकास ट्रस्ट एवं मेरु मुलुक संस्था द्वारा चिट्ठी सम्मान समारोह, गढ़वाळी साहित्यिक पत्रिका चिट्ठी का लोकार्पण व गढ़वाली कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम दो सत्रों में विभाजित किया गया था । पहले सत्र में गढ़वाली भाषा साहित्य के ख्यातिलब्ध साहित्यकार जगमोहन सिंह बिष्ट को गढ़वाली भाषा में उनके साहित्यिक योगदान के लिए चिट्ठी सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया, साथ ही गढ़वाली भाषा की वार्षिक पत्रिका चिट्ठी-पत्री तथा गिरीश सुन्दरियाल व धर्मेन्द्र नेगी ‘धरम’ द्वारा लिखित गढ़वाली बाल नाटक संग्रह ‘ इस्कूलौ बाटु’ का लोकार्पण किया गया । इसी सत्र में गिरीश सुन्दरियाल द्वारा रचित व ओम बधाणी द्वारा स्वरबद्ध गढ़वाली गज़ल ‘तेरी सौं’ का लोकार्पण भी किया गया । इस सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के प्रान्तीय अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने की । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गढ़रत्न श्री नरेंद्र सिंह नेगी तथा अतिविशिष्ट अतिथि श्री नीरज पंत प्रान्तीय कोषाध्यक्ष भाजयुमो तथा कवीन्द्र ईष्टवाल महासचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी थे।
चिट्ठी-पत्री के प्रधान संपादक मदन मोहन डुकलाण द्वारा चिट्ठी-पत्री पत्रिका की अब तक की पूरी यात्रा की विस्तृत जानकारी उपस्थित जन समूह के सम्मुख रखी गयी । उनका कहना था कि वे अपनी अंतिम सांस तक इस पत्रिका को प्रकाशित करते रहेंगे।
मुख्य अतिथि गढ़रत्न श्री नरेन्द्र सिंह नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी लोक भाषाओं को बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ साहित्यकारों व संस्कृति कर्मियों की ही नहीं है, इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए हमारे पूरे समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को एकजुट होकर प्रयास करने पड़ेंगे । सत्र का अध्यक्षता कर रहे श्री गणेश गोदियाल जी ने कहा कि हमारी भाषाओं से ही हमारी असली पहचान होती है इसलिए हमारी लोक भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए सरकार को अधिक प्रयास करने होंगे। सत्र का संचालन चिठ्ठी-पत्री के संपादक व साहित्यकार गिरीश सुन्दरियाल व साहित्यकार धर्मेन्द्र नेगी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में गढ़वाली कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें गढ़वाली भाषा के प्रसिद्ध कवियों श्री देवेंद्र जोशी, महेंद्र ध्यानी, देवेंद्र उनियाल, शिवदयाल शैलज, डॉक्टर जगदंबा कोटनाला, बीना बेंजवाल, हरीश जुयाल ‘कुटज’, मधुर वादनी तिवारी, मोहन वशिष्ठ एवं अरविन्द प्रकृति प्रेमी ने रढ़रत्न श्री नरेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में अपनी रचनाओं का पाठ किया। कवि सम्मेलन का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार देवेन्द्र जोशी द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम स्थल पर विन्सर पब्लिकेशन द्वारा पुस्तक विक्रय स्टॉल भी लगाया गया था । इस समारोह में सामाजिक कार्यकर्ता श्री रघुवीर बिष्ट, वरिष्ठ साहित्यकार ओमप्रकाश सेमवाल, देवेश जोशी, बलबीर राणा अडिग, रमेश भट्ट, रमेश चंद्र बडोला, अनिल नेगी, रमाकांत बेंजवाल, शैलेन्द्र मैथाणी, श्रीमती ऊषा नेगी, भगवती सुंदरियाल, मीनाक्षी नेगी, कविता ईष्टवाल सहित कई गणमान्य जन उपस्थित थे ।

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