Friday, June 26, 2026
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पर्यावरणविद् जगदीश बाबला ग्लोबल ग्रीन अवार्ड 2025 से सम्मानित

देहरादून, पर्यावरण के क्षेत्र में 6 लाख से अधिक पौधों का वर्ष 1974 से प्रारम्भ पौधारोपण के माध्यम से करा चुके वृक्षारोपण पर्यावरणविद जगदीष बाबला को इंवारमेंट प्रोटेक्शन एंड पाॕलुशन कंट्रोल काउंसिल (EPPCC) द्वारा ग्लोबल ग्रीन अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया। विगत दिवश पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण को समर्पित/सक्रिय संस्था ईपीपीसीसी द्वारा बृजकला केन्द्र, मथुरा के प्रेक्षागृह में आयोजित मानद उपाधि एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय पर्यावरण विदों को सम्मानित किया गया। संस्था द्वारा जहां विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय शिक्षा विदों, समाजसेवियों, चिकित्सकों एवं विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली देश के विभिन्न विभूतियों को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया, वहीं पर्यावरण संरक्षण/वृक्षारोपण के क्षेत्र में सक्रिय देश के विभिन्न प्रदेशों की संस्थाओं एवं पर्यावरण विदों को सम्मानित किया गया।
सम्मान कार्यक्रम में मुम्बई, उत्तराखण्ड़, दिल्ली, चण्डीगढ आदि विभिन्न क्षेत्रों के समाजसेवियों को मानद उपाधि देकर सम्मानित किया गया, वहीं उत्तराखण्ड के साथ-साथ उत्तरी भारत के विभिन्न स्थानों पर विगत 50 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय समाजसेवी, साहित्यसेवी, सांस्कृतिक कर्मी एवं पर्यावरण संरक्षण (वृक्षारोपण) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान कर रहे जगदीश बाबला को उनके द्वारा विगत 50 वर्षों के दौरान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किये गये महत्वपूर्ण योगदान के लिये सम्मानित किया गया।
विदित हो कि जगदीश बाबला को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिये जहां भारत सरकार के पर्यावरण क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मान ‘‘इन्द्रगांधी पर्यावरण पुरस्कार’’ से सम्मानित किया जा चुका है, वहीं विभिन्न युवा गतिविधियों के लिये राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है, साथ ही अंतराश्ट्रीय स्वयं सेवी वर्ष 2001, जिसमें 126 देशों द्वारा प्रतिभाग किया गया था के अवसर पर भारत सरकार द्वारा देश के जिन 25 स्वयं सेवियों की गतिविधियों पर आधारित पुस्तक का प्रकाशन किया गया था, में जगदीश बाबला उत्तरी भारत के तीन स्वयं सेवियों में एक एवं उत्तराखण्ड के एकमात्र स्वयं सेवी रहे हैं, जिनके द्वारा उक्त वर्ष में की गयी गतिविधियों को भारत सरकार द्वारा प्रकाशित पुस्तक में स्थान प्राप्त हुआ था।
विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में सक्रिय बाबला को समय-समय पर स्थानीय एवं विभिन्न प्रदेशों में भी संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उक्त सम्मानित करनेवालों में डॉ. रश्मि शर्मा वी.सी., डॉ अशोक शर्मा, डॉ. रेणुका वाधवा, डॉ. सेवेंद्र सिंह, डॉ. जय पाल सिंह, डॉ. हरि प्रसाद आर्य, डॉ. परगना वेदांता, डॉ. प्रिया दत्त आनंद, डॉ. कल्पना आदि द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया एवं साभागार में उपस्थित देश के विभिन्न भागों से उपस्थित विभूतियों ने खडे होकर तालियां बजाकर बाबला को सम्मान पर बधाई दी।
दून में सूचना प्राप्त होने पर विभिन्न विभूतियों द्वारा दिन में डॉ. लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी विमल, श्री नरेन्द्र चंचल, भारत नौटियाल, नरेन्द्र सिंह नेगी एडवोकेट, पीयूष जैन एडवोकेट, कवि कलाकार राजेश डोभाल एवं रोहित कोचगवे आदि विभूतियों ने हर्ष व्यक्त किया।

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