Sunday, July 26, 2026
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भारत को तेल की सप्लाई जारी रहेगी, भारत-रूस के बीच हुए कई समझौते, रूसी पर्यटकों को मिलेगा फ्री वीजा

नई दिल्ली(एजेंसी), रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर पहुंचे हुए हैं। अपनी यात्रा के दूसरे दिन राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ट्रेड समेत अन्य मुद्दों पर वार्ता की। इस दौरान भारत और रूस के बीच कई समझौते हुए हैं। बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने प्रेस को संबोधित किया। वहीं रूसी नेता ने भारत को न्यूक्लियर रिएक्टर टेक्नोलॉजी का ऑफर भी दिया है।

रूस और भारत के बीच हुए कई समझौते :
रूस और भारत के बीच कई समझौते हुए हैं। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने दस्तावेज एक्सचेंज किए। स्वास्थ्य, शिपिंग और टैक्सेशन को लेकर दोनों देशों के बीच समझौते हुए हैं। इसके अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को छोटे न्यूक्लियर रिएक्टर टेक्नोलॉजी का ऑफर भी दिया है। मोदी ने रूसी पर्यटकों को 30 दिन का फ्री वीजा देने का ऐलान किया। वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को बिना रुकावट के तेल की सप्लाई जारी रखने का ऐलान किया।

अस्थायी श्रम गतिविधियों को लेकर भी हुई बात :
सहयोग और माइग्रेशन, दूसरे राज्य के इलाके में शहरी नागरिकों की अस्थायी श्रम गतिविधियों को लेकर भी बात बनी है। पुतिन ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, “मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मेरे प्यारे दोस्त पीएम मोदी और भारत के लोगों को रूसी डेलिगेशन के गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं। पीएम मोदी के साथ डिनर पर मेरी बातचीत हमारी खास रणनीतिक पार्टनरशिप के लिए बहुत मददगार रही। पीएम मोदी और मैंने एक करीबी वर्किंग डायलॉग बनाया है। हम एससीओ समिट के दौरान मिले थे और हम खुद रूस-भारत डायलॉग की देखरेख कर रहे हैं।”

बिना रुकावट ईंधन की शिपमेंट रहेगी जारी :
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, “पिछले साल, हमारे द्विपक्षीय व्यापार के टर्नओवर में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जिसने एक नया रिकॉर्ड बनाया। हम अभी अनुमान लगा रहे हैं कि इस साल का व्यापार समझौता उसी शानदार स्तर पर रहेगा।” उन्होंने कहा, “हम बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन का बिना रुकावट शिपमेंट जारी रखने के लिए तैयार हैं। हम कुडनकुलम में भारत का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने के लिए एक फ्लैगशिप प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। छह में से दो रिएक्टर यूनिट पहले से ही ग्रिड से जुड़ी हुई हैं, जबकि चार और बन रही हैं। इस प्लांट को पूरी क्षमता में लाने से भारत की ऊर्जा जरूरतों में एक बड़ा योगदान मिलेगा; इससे उद्योगों और घरों को सस्ती और साफ बिजली मिलेगी। हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर, फ्लोटिंग न्यूक्लियर प्लांट और दवाई और कृषि जैसे क्षेत्रों में तकनीक के इस्तेमाल पर बात कर सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि हम अपने भारतीय साझेदारों के साथ मिलकर नए इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक रूट बनाने पर काम कर रहे हैं, जिसमें रूस और बेलारूस से हिंद महासागर तक इंटरनेशनल उत्तर-दक्षिण ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर शामिल है। इस कॉरिडोर के विस्तार से द्विपक्षीय के बड़े मौके हैं, जिसमें इसका मुख्य लिंक, नॉर्दर्न सी रूट भी शामिल है।

पीएम मोदी ने पुतिन को दी चुनौतियों की लिस्ट :
पुतिन ने कहा, “प्रधानमंत्री ने हमें उन चुनौतियों की एक लिस्ट दी है जिन पर दोनों सरकारों को ध्यान देना चाहिए, और हम उन पर काम करेंगे। भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के बीच एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बनने से मदद मिलेगी। धीरे-धीरे भुगतान निपटान के लिए नेशनल करेंसी के इस्तेमाल की ओर बढ़ रहे हैं। कमर्शियल पेमेंट में यह हिस्सा पहले से ही 96 फीसदी है। हम एनर्जी के क्षेत्र में भी सफल पार्टनरशिप देख रहे हैं—तेल, गैस, कोयला और भारत की ऊर्जा जरूरत के लिए जरूरी हर चीज की स्थायी रूप से सप्लाई।”
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, “हम ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। भारत और रूस धीरे-धीरे द्विपक्षीय पेमेंट निपटान के लिए नेशनल करेंसी के इस्तेमाल की ओर बढ़ रहे हैं। हम सालाना द्विपक्षीय ट्रेड वॉल्यूम को 100 बिलियन यूएसडी तक बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि हमने सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्रों में अपने सहयोग को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। हमने भारत-रूस संबंधों से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा की।

भारत-रूस की दोस्ती ‘ध्रुवतारे’ जैसी :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा बयान में कहा कि भारत और रूस की मित्रता एक ध्रुवतारे की तरह है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत और रूस एकजुट है।
पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत और रूस के 23वीं शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। उनकी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हमारे द्विपक्षीय संबंध कई ऐतिहासिक मील के पत्थर के दौर से गुजर रहे हैं। ठीक 25 वर्ष पहले राष्ट्रपति पुतिन ने हमारी रणनीतिक साझेदारी की नींव रखी थी। 15 वर्ष पहले 2010 में हमारे साझेदारी को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक का दर्जा मिला। पिछले ढाई दशक से उन्होंने अपने नेतृत्व और दूर दृष्टि से इन संबंधों को निरंतर सींचा है। हर परिस्थिति में उनके नेतृत्व ने आपसी संबंधों को नई ऊंचाई दी है। भारत के प्रति इस गहरी मित्रता और अटूट प्रतिबद्धता के लिए मैं राष्ट्रपति पुतिन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले आठ दशकों में विश्व में अनेक उतार चढ़ाव आए हैं। मानवता को अनेक चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है और इन सबके बीच भी भारत–रूस मित्रता एक ध्रुव तारे की तरह बनी रही है। परस्पर सम्मान और गहरे विश्वास पर टिके ये संबंध समय की कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं। आज हमने इस नींव को और मजबूत करने के लिए सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की है। आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना हमारी साझी प्राथमिकता है। इसे साकार करने के लिए आज हमने 2030 तक के लिए एक इकोनॉमिक कॉरपोरेशन प्रोग्राम पर सहमति बनाई है।”
उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रपति पुतिन और मुझे भारत-रूस व्यापार मंच में शामिल होने का अवसर मिलेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि ये मंच हमारे व्यापार संबंधों को नई ताकत देगा। इससे निर्यात, सह-उत्पादन और सह नवाचार के नए दरवाजे भी खुलेंगे। दोनों पक्ष यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ एफटीए के शीघ्र समापन के लिए प्रयास कर रहे हैं। कृषि और फर्टिलाइजर के क्षेत्र में हमारा करीबी सहयोग खाद्य सुरक्षा और किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है। मुझे खुशी है कि इसे आगे बढ़ाते हुए अब दोनों पक्ष साथ मिलकर यूरिया उत्पादन का प्रयास कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि अब हम भारत के नाविकों की पोलर वाटर में ट्रेनिंग के लिए सहयोग करेंगे। यह आर्कटिक में हमारे सहयोग को नई ताकत तो देगा ही, साथ ही इससे भारत के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। उसी प्रकार से जहाज निर्माण में हमारा गहरा सहयोग मेक इन इंडिया को सशक्त बनाने का सामर्थ्य रखता है। यह हमारे शानदार सहयोग का एक और उत्तम उदाहरण है, जिससे नौकरियां, कौशल और क्षेत्रीय संपर्क सभी को बल मिलेगा। ऊर्जा सुरक्षा भारत–रूस साझेदारी का मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में हमारा दशकों पुराना सहयोग, स्वच्छ ताकत की हमारी साझा प्राथमिकताओं को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण रहा है। हम इस सहयोग को जारी रखेंगे, जिसमें हम दोनों का फायदा है। महत्वपूर्ण खनिज में हमारा सहयोग पूरे विश्व में सुरक्षित और विविध आपूर्ति श्रृंखलाएं सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे स्वच्छ ऊर्जा, उच्च तकनीक विनिर्माण और नए युग के उद्योग में हमारी साझेदारी को ठोस समर्थन मिलेगा।”
पीएम मोदी ने कहा कि आज हमने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। यूक्रेन के संबंध में भारत ने शुरुआत से शांति का पक्ष रखा है। हम इस विषय के शांतिपूर्ण और स्थाई समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। भारत सदैव अपना योगदान देने के लिए तैयार रहा है और आगे भी रहेगा। आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत और रूस ने लंबे समय से कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया है। पहलगाम में हुआ आतंकी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर किया गया कायरतापूर्ण आघात, इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है। भारत का अटल विश्वास है कि आतंकवाद मानवीय मूल्यों पर सीधा प्रहार है और इसके विरुद्ध वैश्विक एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

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