(देवेन्द्र चमोली)
रुद्रप्रयाग – विगत 35 दिनों से स्यालसौड़ चन्द्रापुरी में केन्द्रीय विद्यालय भवन निर्माण के लिये उत्तराखंड क्रान्ति दल व स्थानीय ग्रामीणों द्वारा चलाया जा रहा धरना प्रदर्शन आज से आमरण अनशन में तब्दील हो गया। नैली कुण्ड के प्रधान मनोज बैष्णव ने आज शासन प्रशासन के अनदेखी पूर्ण रवैये से छुब्ध होकर आमरण अनशन शुरु कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि विगत 35 दिनों से स्थानीय जनता व जन प्रतिनिधि स्वीकृत केन्द्रीय भवन निर्माण के लिये आंदोलनरत है। लेकिन आज तक जिला प्रशासन ने कभी आंदोलनकारियों की सुध नहीं ली। सरकार व जिला प्रशासन स्थानीय लोगों की आवाज को अनसुना करते जा रहे हैं।
बता दें कि पिछले 3 अक्टूबर से स्यालसौड़ में केन्द्रीय विद्यालय भवन निर्माण की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रान्ति दल की अगुआई में स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधि धरने पर बैठे हैं। विगत कुछ दिनों से क्रमिक अनशन ग्रामीणों द्वारा चलाया जा रहा था। लेकिन 35 दिन बीत जाने के बाद भी शासन प्रशासन आंदोलनकारी ग्रामीणों की सुध नहीं ले रहा। प्रशासन का कोई नुमाइंदा धरना स्थल पर नहीं पहुंचा।
उत्तराखंड क्रान्ति दल के जिलाध्यक्ष सूरत सिंह झिक्वाण का कहना है कि जनपद प्रशासन ग्रामीणों के प्रति संवेदनशील नहीं है। सरकार के इशारे पर जनता की आवाज को नहीं सुना जा रहा। उक्रांद के आशुतोष भंडारी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुये कहा कि जिला प्रशासन का रवैया जन भावनाओं के खिलाफ है। कोई सुनने को तैयार नहीं है।
अनसन पर बैठै ग्राम प्रधान मनोज बैष्णव ने कहा कि विगत 35 दिनों से छैत्र के ग्रामीण व प्रतिनिधि केन्द्रीय विद्यालय के लिये स्वीकृत भूमि पर भवन निर्माण की मांग कर रहे हैं। 14 वर्ष पूर्व स्वीकृत भूमि आज तक भवन निर्माण नहीं हो पाया।जो कि शासन प्रशासन की विकास के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब आर पार की लड़ाई लड़ी जायेगी। इस अवसर पर पूर्व शिक्षक शिव सिंह भंडारी, सुशीला भंडारी, विक्रम फर्शवाण, ग्राम प्रधान हनुमंत बिष्ट प्रधान परकंडी सुनीता देवी, राहुल पंवार, नवीन पंवार, व अनिल जगवान सहित ग्रामीण मौजूद थे।


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