नई दिल्ली, स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ पर हिंदी एवं गढ़वाली के वरिष्ठ साहित्यकार स्वर्गीय प्रतिबिम्ब बड्थ्वाल को उनकी पहली पुण्य तिथि पर याद किया गया । गढ़वाल भवन पंचकुईया मार्ग नई दिल्ली में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कई साहित्यकार, पत्रकार, बड्थ्वाल कुटुंब के प्रतिनिधि व समाजसेवी उपस्थित थे।
उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में बरिष्ठ साहित्यकार रमेश चन्द्र घिल्डियाल सरस,बरिष्ठ पत्रकार व बड्थ्वाल कुटुंब का पदाधिकारी हरीश बड्थ्वाल, प्रतिबिम्ब बड्थ्वाल जी के अनुज प्रियबिम्ब बड्थ्वाल, चन्दन प्रेमी, दीनदयाल बन्दूणी दीन, डीपीएमआई का चेयरमैन अर उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली का संरक्षक डॉ. बिनोद बछेती, साहित्यकार व उत्तराखण्ड लोक भाषा साहित्य मंच, दिल्ली का संयोजक दिनेश ध्यानी, जयपाल सिंह रावत छिप्वडुदा, दर्शन सिंह रावत, रघुवर दत्त शर्मा राघव, बृजमोहन वेदवाल, प्रदीप रावत, संदीप गढ़वाली, रोशन लाल हिन्दकवि, गिरधारी रावत, जगमोहन सिंह रावत जगामोरा, ओम प्रकाश आर्य, रमेश हितैषी, उदयराम मंमगांई राठी, दयाल नेगी, दिग्पाल कैंतुरा, डॉ. सुशील सेमवाल, वीरेन्द्र जुयाल उपरि, अनूप सिंह रावत, दीवान सिह नेगी रिंगूड़, युगराज सिंह रावत, सुभाश गुसांई, वरिष्ठ रंगकर्मी और उत्तराखण्ड फिल्म एवं नाट्य संस्थान की अध्यक्षा श्रीमती संयोगिता पंत ध्यानी, श्रीमती निर्मला नेगी, श्रीमती रेनू उनियाल, प्रमोद कुमार बड्थ्वाल, दिवाकर ध्यानी, वीरेन्द्र प्रसाद भट्ट आदि वक्ताओं ने अपने वक्तव्य और संस्मरणों से स्वर्गीय प्रतिबिम्ब बड्थ्वाल को याद किया।
इस मौके पर वक्तओं में कहा कि स्वर्गीय प्रतिबिम्ब बड्थ्वाल ने आजीवन साहित्य व समाज की सेवा की, विदेशी धरती यूएई में रहने के बाद उन्होंने वहां उत्तराखण्ड़ समाज को एकजुट किया और बच्चों को गढ़वालि, कुमाउनी, जौनसारी भाषा सिखाने के लिए कक्षाओं का आयोजन किया । हिन्दी भाषा की सेवा के लिए भी स्व. बड्थ्वाल अखिल विश्व स्तर पर कई साहित्य सेवी संगठनों से जुड़े हुए थे । गढ़वाली, कुमाउनी भाषाओं को संविधान आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए वे उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली के साथ लगातार प्रयासरत रहे।
इस अवसर पर गढ़वाल हितैषिणी सभा का अध्यक्ष सूरत सिंह रावत, महासचिव पवन कुमार मैठाणी, उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह नेगी, विकास चमोली, सुधीश नेगी, जगत पंवार, धीरेन्द्र सिंह रावत, राजेन्द्र प्रसाद चमोली, वीरेन्द्र उनियाल, जी पी नौटियाल, देवेश नौटियाल, सुरेन्द्र सिंह रावत, वी एस नेगी, हुकम सिंह कठैत, श्रीमती रोशनी ध्यानी, श्रीमती सुनीता गुसांई, प्रेम चन्द्रा, प्रताप सिंह थलवाल व बरिष्ठ सामाजसेवी अर उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली का समन्वयक अनिल कुमार पन्त आदि लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन उत्तराखण्ड़ लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली के संयोजक दिनेश ध्यानी ने किया।



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