Friday, June 5, 2026
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अंतर्राष्ट्रीय फर्जी पार्सल व सरकारी अधिकारी बनकर की करोड़ों की ठगी, मास्टरमाइंड नाइजीरियन दिल्ली से गिरफ्तार

देहरादून, फर्जी अन्तर्राष्ट्रीय पार्सल भेजने के नाम पर 29 लाख रूपये की ठगी के मामले के मास्टरमाइंड नाइजीरियन व्यक्ति को एसटीएफ ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
आज यहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफए नवनीत सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि एक प्रकरण देहरादून निवासी शिकायतकर्ता द्वारा माह जुलाई 2025 में शिकायत दर्ज कराया गया जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा बताया कि फेसबुक पर एक महिला ने स्वयं को एम्स्टर्डम स्थित एक नामी फार्मा कंपनी की सीनियर मैनेजर बताते हुए मित्रता की। विश्वास जीतकर उसने नकली पार्सल भेजने का बहाना बनाया और कस्टम स्कैनिंग, गोल्ड लाइसेंस, करेंसी कन्वर्ज़न, जीएसटी, बीमा, क्लियरेंस, और अन्य शुल्कों के बहाने लगातार ऑनलाइन भुगतान करवाए। परन्तु स्वयं के साथ हो रही साइबर फ्रॉड का अंदेशा नहीं हो पायाए जिससे पीड़ित द्वारा विभिन्न बैंक खातों में कई किस्तों में 24,88, 400 स्थानांतरित किए गए। इसके बाद कथित राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अधिकारियों और नकली पुलिसकर्मियों ने फर्जी केस निपटाने, नाम हटाने और फाइल आगे बढ़ाने के बहाने अतिरिक्त 4,10,250 अवैध रूप से प्राप्त किए। आरोपियों ने अनेक फर्जी मोबाइल नंबर, बैंक खाते और सरकारी पदनामों का दुरुपयोग करते हुए प्रलोभन एवं दबाव के माध्यम से पीड़ित को निशाना बनाकर संगठित साइबर धोखाधड़ी से कुल 28,98,650 की धोखाधड़ी की।
प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकए एसटीएफ उत्तराखण्ड के दिशा निर्देशन में मामले का प्रवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोरए पुलिस उपाधीक्षक, अंकुश मिश्रा एवं विवेचना निरीक्षक आशीष गुसाई साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, देहरादून के सुपुर्द कर मुकदमें के शीघ्र खुलासे हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। साइबर क्राइम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, व्हाट्सएप चैट, फेसबुक मैसेंजर वार्तालाप, पार्सल ट्रैकिंग डोमेन एवं संबंधित डिजिटल माध्यमों की जानकारी हेतु बैंकों, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स, डोमेन होस्टिंग कंपनियों एवं मेटा कंपनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया।
प्राप्त डेटा के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि साइबर अपराधियों ने फर्जी अंतरराष्ट्रीय पार्सल भेजने का झांसा देकर एवं स्वयं को सरकारी अधिकारीधराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अधिकारी बताकरए पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में 28,98,650 की राशि स्थानांतरित करवाई। जांच के दौरान साईबर थाना पुलिस टीम द्वारा मुकदमें में प्रकाश में आए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, व्हाट्सएप चैट, फेसबुक मैसेंजर वार्तालाप, पार्सल ट्रैकिंग डोमेन एवं संबंधित डिजिटल माध्यमों की जानकारी का सत्यापन किया गया।
पुलिस टीम द्वारा तकनीकी डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर घटना के नाइजीरियन नागरिक को चिन्ह्ति करते हुये आरोपी की तलाश जारी की। साईबर टीम द्वारा बीएनएसएस के अन्तर्गत प्रकाश में आये आरोपी की तलाश दिल्ली जाकर उसकी गिरफ्तारी की गयी। अग्रिम जांच कार्यवाही बीएनएसएस के अन्तर्गत की गई। प्रारम्भिक पूछताछ में आरोपी ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र कुछ माह में ही करोडो रूपयों का लेन—देन होना प्रकाश में आया है। जाँच में यह भी प्रकाश में आया है कि आरोपी के विरुद्ध देश के कई राज्यों में साईबर अपराधों में एफआईआर व अन्य शिकायतें दर्ज हैं। जिसके सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है।

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