देहरादून(शंकर दत्त कांड़पाल), भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कांत शर्मा को असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का सदस्य बनाये जाने पर श्रमिकों में उत्साह की लहर है। इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कांत शर्मा ने कहा की प्रदेश के 30 लाख असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी संगठित श्रमिकों जैसी सुविधाएं मिले यह उनकी प्राथमिकता रहेगी। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा जैसे ईएसआईसी पीएफ जैसी सुविधाएँ मिले जिसको लेकर बोर्ड में मज़बूती के साथ श्रमिकों की समस्याओं को उठाया जाएगा ताकि उनको न्याय दिलाया जा सके।
भारतीय मज़दूर संघ संगठन स्तर से भी प्रदेश एवं केंद्रीय स्तर पे असंगठित क्षेत्र मैं कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए उनके उत्थान के लिए लगातार शासन प्रशासन स्तर से वार्ता करते रहते है। उन्होंने कहा की अधिकांश असंगठित श्रमिक ऐसे उद्यमों में काम करते हैं जहाँ श्रमिक कानून लागू नहीं होते। इसलिये इनकी कार्य दशा भी सुरक्षित नहीं होती और इनके लिये स्वास्थ्य संबंधी खतरे बहुत अधिक होते हैं।
असंगठित क्षेत्र में रोज़गार गारंटी न होने के कारण रोज़गार का स्वरूप अस्थायी होता है, जो इस क्षेत्र में लगे कामगारों को हतोत्साहित करता है। रोज़गार स्थिरता न होने के कारण इनमें मनोरोग का खतरा भी असंगठित क्षेत्र के कामगारों से अधिक होता है। बोर्ड के माध्यम इन्हें रोज़गार गारंटी मिले उस पर कार्य किया जाएगा।
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष पदम सिंह धमानदा ने कहा कि अजय कांत शर्मा निःस्वार्थ भाव से संगठन एवं श्रमिकों के लिए तत्परता से काम करते आ रहे है। उन्होंने पहले भी हजारो असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों को न्याय दिलाया और उनके साथ हर वक्त खड़े रहते है। अजय कांत शर्मा को बोर्ड में सदस्य बनाने से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के सरकार ने एक अच्छा कदम उठाया है। इस मौके पर बड़ी भारतीय मजदूर संघ से श्रमिक और कार्यकर्ता मौजूद रहे |




